दिवंगत दिनेश मिरानिया के परिजनों से असम के मंत्री रूपेश गोवाला ने की मुलाकात

Raipur. रायपुर। असम के मंत्री रूपेश गोवाला ने आज रायपुर पहुंचकर हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में शहीद हुए वरिष्ठ व्यवसायी दिनेश मिरानिया के परिजनों से भेंट की। इस दौरान उन्होंने दिवंगत आत्मा के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की और परिवारजनों को ढांढस बंधाते हुए असम सरकार की ओर से 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। दिनेश मिरानिया, जो रायपुर के प्रतिष्ठित व्यवसायियों में से एक थे, कुछ समय पूर्व पारिवारिक यात्रा के सिलसिले में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम गए थे। इस दौरान हुए आतंकी हमले में वे गंभीर रूप से घायल हुए और बाद में उनका निधन हो गया। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना से न सिर्फ मिरानिया परिवार बल्कि पूरा रायपुर शोकाकुल है।

असम के मंत्री रूपेश गोवाला ने मिरानिया निवास पहुंचकर परिजनों से गहन संवेदना व्यक्त की और कहा कि “यह दुखद घटना न केवल रायपुर बल्कि पूरे देश के लिए एक गहरी पीड़ा है। दिनेश मिरानिया जैसे ईमानदार, समाजसेवी और कर्मठ नागरिक की क्षति अपूरणीय है। असम सरकार और मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा की ओर से हम इस दुःख की घड़ी में परिवार के साथ खड़े हैं।” मंत्री गोवाला ने आगे कहा कि मिरानिया जी का आतंकी हमले में जाना यह दर्शाता है कि अब आतंकवाद की चपेट में आम नागरिक भी आ रहे हैं, जिससे पूरे देश को एकजुट होकर लड़ना होगा। उन्होंने कहा कि यह सहायता राशि कोई क्षतिपूर्ति नहीं है, लेकिन यह सरकार की ओर से एक छोटा-सा प्रयास है कि पीड़ित परिवार को कुछ राहत मिल सके।

इस दौरान मिरानिया परिवार के सदस्यों ने मंत्री गोवाला का आभार व्यक्त किया और कहा कि सरकार द्वारा की गई यह सहायता न सिर्फ आर्थिक राहत है, बल्कि यह एक भावनात्मक समर्थन भी है, जिससे उन्हें यह एहसास हुआ कि संकट की इस घड़ी में देशभर से लोग और सरकारें उनके साथ हैं। इस मुलाकात में स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और व्यापारिक संगठनों के सदस्य भी उपस्थित थे। सभी ने दिनेश मिरानिया के व्यक्तित्व और उनके सामाजिक योगदान को याद किया और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इस पूरी मुलाकात ने यह संदेश दिया कि आतंकवाद के खिलाफ देश एकजुट है और हर नागरिक की सुरक्षा और सम्मान को सर्वोपरि माना जाता है। असम सरकार की यह संवेदनशील पहल न केवल प्रशंसनीय है, बल्कि यह पूरे देश में एक सकारात्मक संदेश देती है कि हम एक-दूसरे के दुःख-सुख में भागीदार हैं।




Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button