नवरात्र का आज पहला दिन, ऐसे करें मां शैलपुत्री की पूजा और घटस्थापना
Today is the first day of Navratri, do worship and Ghatasthapana of Maa Shailputri
इस बार की नवरात्रि 8 दिन की होगी तथा गुरुवार से मां के पूजन की शुरुआत हो रही है। यह पूजा और आध्यात्मिक उन्नति के लिए शुभ है। नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा होगी। सबसे पहले कलश की स्थापना होगी और मां दुर्गा की पूजा की जाएगी। इसके बाद मां शैलपुत्री की पूजा होगी।
मां शैलपुत्री की पूजा करते समय लाल सिंदूर, अक्षत व धूप आदि चढ़ाएं। इसके बाद माता के मंत्रों का उच्चारण करते हुए पूजा करें। पर्वतराज हिमालय के घर पुत्री के रूप में उत्पन्न होने के कारण मां दुर्गा जी का नाम शैलपुत्री पड़ा। मां शैलपुत्री नंदी नाम के वृषभ पर सवार होती हैं और उनके दाहिने हाथ में त्रिशूल और बाएं हाथ में कमल का पुष्प होता है।
मां शैलपुत्री के पूजन से जीवन में स्थिरता और दृढ़ता आती है। खासतौर पर महिलाओं को मां शैलपुत्री के पूजन से विशेष लाभ होता है।
महिलाओं की पारिवारिक स्थिति, दांपत्य जीवन, कष्ट क्लेश और बीमारियां मां शैलपुत्री की कृपा से दूर होते हैं। जीवन के समस्त कष्ट क्लेश और नकारात्मक शक्तियों के नाश के लिए एक पान के पत्ते पर लौंग सुपारी मिश्री रखकर मां शैलपुत्री को अर्पण करें।
मां शैलपुत्री की विशेष अर्चना
एक साबुत पान के पत्ते पर 27 फूलदार लौंग रखें। मां शैलपुत्री के सामने घी का दीपक जलाएं और एक सफेद आसन पर उत्तर दिशा में मुंह करके बैठें। और ऊं शैलपुत्रये नम: मंत्र का 108 बार जाप करें।




