प्रदेश का पहला बुजुर्ग स्वास्थ्य देखभाल केंद्र बना सहारा

Korea. कोरिया। विष्णुदेव साय सरकार के दो साल में स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, पानी सड़क, ग्रामीणों, महिलाओं किसानों, युवाओं की बेहतरी के लिए अनेक योजनाएं शुरु की है, जिसका परिणाम बेहद सकारात्मक रहा। इसी कड़ी में कोरिया जिले के जिला अस्पताल परिसर बैकुंठपुर में करीब ढाई माह पूर्व शुरू किया गया प्रदेश का पहला बुजुर्ग स्वास्थ्य देखभाल केंद्र अब वृद्धजनों के लिए सच्चा सहारा बन गया है। उम्र बढ़ने के साथ बढ़ती पीड़ा, चलने-फिरने में कठिनाई, भीड़ में अस्पताल की लाइन में लगना और छोटे-छोटे उपचारों के लिए घंटों इंतज़ार जैसी परेशानियों को देखते हुए इस विशेष केंद्र की स्थापना की गई थी। परिणामस्वरूप, आज यह केंद्र जिले के सैकड़ों बुजुर्गों को राहत देने वाला भरोसेमंद स्थान बन चुका है।

कलेक्टर चंदन त्रिपाठी ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के मार्गदर्शन में यह केंद्र खोला गया। उन्होंने कहा कि सुशासन तभी सार्थक होता है, जब उसका लाभ प्रत्यक्ष रूप से जरूरतमंदों तक पहुँचे। यह केंद्र उसी उद्देश्य की पूर्ति कर रहा है और वरिष्ठ नागरिकों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहा है। इस केंद्र का शुभारंभ 1 अक्टूबर, अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर बैकुंठपुर विधायक भइया लाल राजवाड़े द्वारा किया गया था। अक्टूबर से अब तक 889 बुजुर्ग यहाँ जांच और उपचार के लिए पहुँच चुके हैं, जिनमें 371 महिलाएं और 518 पुरुष शामिल हैं।

यह बुजुर्ग स्वास्थ्य देखभाल केंद्र अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित है, जिनमें ट्राईसाइकिल, बैलेंस बोर्ड, फुट मसाजर, पैरेलल बार, स्टेयर क्लाइंबिंग मशीन, ट्रेडमिल, मसाज चेयर, ट्रैक्शन मशीन और वेक्स बाथ जैसी सुविधाएँ शामिल हैं। इसके अलावा फिजियोथेरेपी और पंचकर्म जैसी उपचार सेवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। अब तक करीब 300 बुजुर्ग पंचकर्म उपचार का लाभ ले चुके हैं। केंद्र के खुलने से बुजुर्गों को अब उपचार के लिए बाहर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ रही है। शांत वातावरण, सहयोगी स्टाफ और समय पर मिल रही सेवाएं उन्हें आत्मविश्वास और राहत दे रही हैं।

बुजुर्गों के अनुभव-मिला सुकून, मिली राहत

77 वर्षीय एस.डी. सिंह ने बताया कि वे एक माह से यहां आ रहे हैं और उपचार से काफी राहत मिली है। वातावरण भी बेहद सहयोगी है, जिससे मानसिक सुकून मिलता है।

71 वर्षीय पी.एस. दावड़े ने कहा कि पैर में जलन की समस्या से परेशान थे। लगभग 10-12 दिन के उपचार से उन्हें काफी फायदा हुआ है।

76 वर्षीय बी.एल. सोनी ने बताया कि कंधे के दर्द से लंबे समय से परेशान थे। डॉक्टरों की सलाह पर फिजियोथेरेपी शुरू की और अब दर्द में काफी कमी आई है। बुजुर्गों ने केंद्र की सेवाओं और प्रशासन की पहल की सराहना करते हुए कहा कि वास्तव में वही शासन, सुशासन का दावा कर सकता है, जो बुजुर्गों की पीड़ा समझे और उसके समाधान के लिए संवेदनशील कदम उठाए। यह केंद्र उन वरिष्ठ नागरिकों के लिए अमूल्य बन गया है, जो बढ़ती उम्र के साथ होने वाली शारीरिक परेशानियों से जूझ रहे थे। प्रशासन की यह पहल जिले व राज्य के लिए एक प्रेरक मॉडल बनकर सामने आई है।


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