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मध्याह्न भोजन योजना का प्रबंधन कैसे किया जाता है?


Medchal मेडल:सरकारी स्कूलों में संचालित मध्याह्न भोजन योजना से संबंधित बिल तीन महीने से लंबित होने से एजेंसी कर्मियों को इस बात की चिंता सता रही है कि योजना को कैसे जारी रखा जाए। मध्याह्न भोजन योजना के बिलों के साथ-साथ वेतन न मिलने से कर्मियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि तीन महीने से बिल न मिलने से उन्हें उधार लेकर मध्याह्न भोजन योजना चलानी पड़ रही है। मेडचल, मलकाजगिरी, उप्पल, कुकटपल्ली और कुथबुल्लापुर विधानसभा क्षेत्रों में 505 सरकारी स्कूल हैं। मध्याह्न भोजन योजना जारी रहने के दौरान सरकार को 1800 कर्मियों को तीन महीने के बिल और वेतन समेत 2 करोड़ 10 लाख रुपये का भुगतान करना है। एजेंसी कर्मियों की शिकायत है कि अगर बिलों का भुगतान नहीं किया गया और वेतन नहीं दिया गया तो मध्याह्न भोजन योजना चलाना उन पर बोझ बन जाएगा। अगर बिल लंबित रहे और छात्रों को नियमानुसार बैग में पूरा खाना नहीं दिया गया तो एजेंसी कर्मियों के लिए मुश्किल स्थिति पैदा हो रही है।

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