रवि शास्त्री को एक बार फिर भारतीय टीम की कमान
रवि शास्त्री भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के नए कोच बन गये हैं, कई दिनों से भारतीय क्रिकेट टीम को नये कोच का इंतजार था। उन्होंने रिचर्ड पाइबस, टॉम मूडी और लालचंद राजपूत जैसे अन्य उम्मीदवारों पर जीत हासिल की। फिलहाल शास्त्री को केवल दो साल के लिए, 2019 के विश्व कप तक का कोच बनाया गया है। गेंदबाजी सलाहकार के रूप में जहीर खान रवि शास्त्री की मदद करेंगे, जो उस समय गेंदबाजी सलाहकार के रूप में अपनी भूमिका निभायेंगे और राहुल द्रविड़ विदेशों में बल्लेबाजी के कोच के रूप में अपनी सेवा प्रदान करेंगे। यह राष्ट्रीय पुरुष क्रिकेट टीम के शीर्ष क्रम में शास्त्री का दूसरा कार्यकाल है। इससे पहले वह 2014 से 2016 तक टीम में निर्देशक के रूप में कार्य कर चुके हैं।
शास्त्री को कोच बनाने का मुख्य कारण यह है कि वह निर्देशक के रूप में टीम में रह चुके हैं। 2014 में एक मुश्किल अवधि के बाद उन्होंने टीम को नियंत्रित किया था। उनका कार्यकाल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक शानदार प्रदर्शन से शुरू हुआ, जहाँ श्रृंखला में हारने के बावजूद भारतीय टीम आक्रामक ढंग से खेली थी। ऐसा तब हुआ था जब कोहली टेस्ट में कप्तान बने, उसके बाद टीम ने आगामी त्रि-सीरीज के फाइनल तक प्रगति की और टीम 2015 के विश्व कप के सेमीफाइनल तक पहुँच गई। टीम ने न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका को उन्हीं के देश में हराया, वहीं भारत ने एक दिवसीय मैच में आस्ट्रेलिया को भी हराया, एशिया कप टी -20 का फाइनल भी जीता और फिर भारतीय टीम अपने होम ग्राउंड पर टी -20 विश्व कप के सेमीफाइनल तक पहुंची। उनकी मौजूदगी में 2016 में भारतीय टीम टेस्ट क्रिकेट में 8 वें नम्बर पर थी जो अब पहले स्थान पर पहुंच गई है।
यह भी गौर करने वाली बात है कि शास्त्री कोच पद के लिये कोहली की पहली पसंद हैं इन दोनों के बीच बहुत अच्छे संबंध हैं, जिन्होंने शास्त्री को कोच के रूप में शामिल करने के लिए एक जोरदार दबाव डाला था। वास्तव में, कोहली अपनी टीम में कोच के रूप में शास्त्री को देखना चाहते थे इसलिए वह क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) की बात भी नहीं सुनना चाहते थे, जो अनिल कुंबले को ही कोच बनाये रखना चाहती थी। शास्त्री को एक महान प्रबंधक माना जाता है इसलिए कोहली उनके पक्ष में चले गये थे।




