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सेना ने Republic Day पर उरी सेक्टर में राष्ट्रीय ध्वज फहराया


पूरा देश अपने लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान के महत्व का सम्मान करने के लिए एक साथ आया है, इसलिए माहौल जीवंत है। राष्ट्रीय राजधानी के कर्तव्य पथ पर देश की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता, एकता, समानता, विकास और सैन्य कौशल के अनूठे मिश्रण के भव्य प्रदर्शन के साथ कर्तव्य पथ पर 76वें गणतंत्र दिवस समारोह की शुरुआत हो गई है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के समारोह का नेतृत्व करेंगी, जबकि इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांटो मुख्य अतिथि के रूप में इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे। भारतीय सेना की टुकड़ी गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेगी, जिसमें इसकी पहली टुकड़ी घुड़सवार स्तंभ का नेतृत्व करेगी, जो लेफ्टिनेंट अहान कुमार के नेतृत्व में 61 घुड़सवार सेना की होगी। 1953 में गठित, 61 घुड़सवार सेना दुनिया की एकमात्र सक्रिय घुड़सवार सेना रेजिमेंट है, जिसमें सभी ‘राज्य घुड़सवार घुड़सवार इकाइयों’ का समामेलन है। इसके बाद नौ मशीनीकृत स्तंभ और नौ मार्चिंग टुकड़ियाँ होंगी। कर्तव्य पथ पर ब्रिगेड ऑफ़ द गार्ड्स, जाट रेजिमेंट, गढ़वाल राइफल्स, महार रेजिमेंट, जम्मू और कश्मीर राइफल्स और सिग्नल कोर की टुकड़ियाँ मार्च करेंगी।
राष्ट्रीय महत्व के आयोजनों में ‘जनभागीदारी’ को बढ़ाने के सरकार के उद्देश्य के अनुरूप, परेड देखने के लिए लगभग 10,000 विशेष अतिथियों को आमंत्रित किया गया है। अलग-अलग क्षेत्रों से आए ये विशेष अतिथि ‘स्वर्णिम भारत’ के निर्माता हैं। इनमें विभिन्न क्षेत्रों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले और सरकारी योजनाओं का सर्वोत्तम उपयोग करने वाले लोग शामिल हैं। पहली बार तीनों सेनाओं की झांकी सशस्त्र बलों के बीच एकजुटता और एकीकरण की भावना को दर्शाएगी, जिसका विषय ‘सशक्त और सुरक्षित भारत’ है। झांकी में तीनों सेनाओं के बीच नेटवर्किंग और संचार की सुविधा प्रदान करने वाला एक संयुक्त संचालन कक्ष दिखाया जाएगा। (एएनआई)

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