छत्तीसगढ़ सरकार का ऐतिहासिक कदम, सूखा प्रभावित क्षेत्रों में किसानों को प्रति एकड़ 9 हजार रुपए देगी सरकार
Historic step of Chhattisgarh government, government will give 9 thousand rupees per acre to farmers in drought affected areas
छत्तीसगढ़ में इस साल अवर्षा की स्थिति बन गई है. प्रदेश में करीब 12 जिले कम वर्षा से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. इससे अकाल की आशंका जताई जा रही है. किसानों के साथ-साथ अब सरकार भी सूखे को लेकर गंभीर और चिंतित हो चली है. लिहाजा भूपेश सरकार ने सूखा घोषित करने से पूर्व ही सूखा प्रभावित किसानों के लिए मुआवजे का ऐलान कर दिया है. ऐसा पहली बार हुआ जब किसी सरकार ने किसानों को राहत देने का ऐलान इतनी तेजी से किया हो. यही नहीं यह भी पहली बार हुआ है कि नौ हजार रुपये प्रति एकड़ देने की बात सरकार ने कही. सरकार के इस निर्णय से सूखा प्रभावित क्षेत्र के किसान बेहद खुश हैं.
किसान नेताओं ने भी भूपेश सरकार के फैसले की तारीफ की है. किसानों ने तो भूपेश सरकार के लिए यहाँ तक कह दिया है कि ऐसा वही सरकार सोच सकती, जो किसानों की पीड़ा को, खेती-किसानी को समझती हो. सच में हमारे असल ‘किसनहा सरकार है’. वहीं किसानों ने केंद्र और राज्य की तुलना भी कर दी कि एक तरफ केंद्र की सरकार किसानों पर जुल्म कर रही, दूसरी ओर राज्य की भूपेश सरकार किसानों के हित में लगातार निर्णय ले रही है.
सरकार के इस फैसले को लेकर किसानों ने क्या कुछ कहा यह बताने से पहले आपको यह बता दें कि राज्य में अभी सूखे को लेकर किस तरह की स्थिति है ?
12 जिलों में औसत कम हुई बारिश
छत्तीसगढ़ में इस साल 12 जिले ऐसे हैं जहाँ औसत से कम बारिश हुई है. कम बारिश की चलते राज्य में सूखे की स्थिति बन पड़ी है. खास तौर पर धान उत्पादक किसान बेहद परेशान हैं. जानकारी के मुताबिक 174 में 35 तहसीलों में सूखे की आशंका जताई जा रही है. भादो के इस महीने में अगर बारिश अच्छी नहीं हुई स्थिति और गंभीर हो सकती है. कृषि वैज्ञानिकों का अनुमान है कि धान के फसल को भारी नुकसान हो सकता है. कम बारिश के चलते कई क्षेत्रों में धान रोपाई का काम भी पूरा नहीं हुआ है.
किसानों के लिए अगस्त का महीना होता है महत्वपूर्ण
कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि अगस्त का महीना किसानों के लिए सबसे महत्वपूर्ण महीना होता है. रोपाई का काम इसी महीने में होता है. धान के फसल के लिए यह माह अहम रहता है. ऐसे में अगस्त महीने पानी कम हो तो फिर चिंता बड़ जाती है. इस साल यही देखनेम को मिला है. अगस्त के महीने में राज्य में कम बारिश हुई है. आँकड़े के मुताबिक बीते एक दशक में अगस्त में अब तक कम बारिश रिकॉर्ड की गई है. मौसम विभाग के मुताबिक छत्तीसगढ़ में अभी तक औसत से 39 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है. लिहाजा राज्य में सूखे के हालत बन गए है.
7 सितंबर तक रिपोर्ट तलब
सूखे के इस हालात को देखते हुए भूपेश सरकार ने पहले ही तसहीलदारों को रिपोर्ट तैयार करने को कहा दिया है. सरकार की ओर से 7 सितंबर तक सभी प्रभावित क्षेत्रों से रिपोर्ट मंगाई है. दूसरी ओर रिपोर्ट आने से पूर्व ही प्रभावित किसानों के लिए भूपेश सरकार ने राहत का बड़ा ऐलान कर दिया है. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि किसानों को प्रति एकड़ 9 हजार रुपये दिया जाएगा.
सरकार विपदा की हर घड़ी में किसानों के साथ- भूपेश बघेल
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि अभी राज्य के कई क्षेत्रों में अल्पवृष्टि और अनावृष्टि के चलते सूखे की स्थिति उत्पन्न हो गई है. छत्तीसगढ़ की सरकार विपदा की हर घड़ी में किसानों के साथ खड़ी है. जिन किसान भाइयों ने अभी खरीफ सीजन में धान, कोदो -कुटकी ,अरहर की बुवाई की है, यदि वर्षा के अभाव में उनकी फसल खराब हो जाती है. चाहे उत्पादन हो अथवा न हो, उन्हें सरकार प्रति एकड़ 9000 रुपये की सहायता देगी. उन्होंने कहा कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत सूखा प्रभावित किसानों को भी गिरदावरी सर्वे के आधार पर प्रति एकड़ 9000 रुपये के मान से मदद दी जाएगी.


