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Helicopter कंपनी पर कार्रवाई की तैयारी, यह है मामला


Shimla. शिमला। प्रदेश में सरकार गिराने के मामले की जांच की गाज अब हेलिकाप्टर कंपनियों पर भी गिरेगी। शिमला पुलिस अब विंडबोर्न कंपनी के अधिकारियों पर कार्रवाई की करने की तैयारी में है। सूत्र बताते हैं कि शिमला पुलिस जल्द ही विंडबोर्न कंपनी के निदेशक को गिरफ्तार करेगी। हिमाचल प्रदेश में सरकार गिराने के मामले की जांच में रुकावट डालने पर शिमला पुलिस की एसआईटी अब हेलिकाप्टर कंपनियों पर शिकंजा कसने की तैयारी में है। गौर हो कि राज्यसभा चुनाव में सत्तारूढ़ कांग्रेस के खिलाफ वोट करने वाले बागी विधायकों को हवाई सेवाएं देने वाली हेलिकाप्टर कंपनी से पूछताछ के लिए शिमला पुलिस बीते दिनों गुरुग्राम पहुंची थी। शिमला पुलिस अदालत द्वारा जारी सर्च वारंट के आधार पर विमान कंपनी के गुरुग्राम स्थित दफ्तर में पूछताछ को गई थी, लेकिन वहां पर गुरुग्राम पुलिस पहले से मौजूद थी। इससे पहले की शिमला पुलिस कंपनी प्रबंधन से पूछताछ कर पाती और रिकार्ड कब्जे में लेती, गुरुग्राम पुलिस ने उल्टा शिमला पुलिस से

सवाल कर दिए।

हिमाचल की पुलिस टीम को लोकल पुलिस गुरुग्राम थाने ले गई। इस दौरान हेलिकाप्टर कंपनियों के अधिकरियों ने भी पुलिस की टीम की जांच में रुकावट डाली थी, जिसकी वजह से पुलिस हेलिकाप्टर कंपनियों से रिकार्ड भी कब्जे में नहीं ले सकी। शिमला पुलिस ने ग्लोबल वेक्टरा, पवन हंस और विंडबोर्न एयर वन हेलिकाप्टर कंपनियों का रिकार्ड खंगालने के लिए सर्च वारंट की अनुमति ली है। प्रदेश में सरकार गिराने के मामले की जांच को बालूगंज पुलिस थाना में बीते शुक्रवार को पूर्व विधायक राजेंद्र राणा, देवेंद्र भुट्टो और केएल ठाकुर तीनों विधायकों से सुबह साढ़े11 बजे से लेकर रात करीब नौ बजे तक पूछताछ हुई। तीनों पूर्व विधायकों से अलग अलग राउंड में पूछताछ की गई। राज्यसभा चुनाव में खरीद फरोख्त मामले की जांच को लेकर इसस पहले पुलिस की एसआईटी भाजपा विधायक आशीष शर्मा, पूर्व विधायक रवि ठाकुर, पूर्व विधायक चैतन्य शर्मा व उनके पिता पूर्व आईएएस राकेश शर्मा, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के प्रचार सलाहकार रहे तरुण भंडारी से पूछताछ कर चुकी है।

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