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HP: निरमंड के जिला स्तरीय बूढ़ी दीवाली मेले की तैयारियां शुरू

Nirmand. निरमंड। भगवान परशुराम की नगरी छोटी काशी निरमंड का चार दिवसीय ऐतिहासिक जिला स्तरीय ‘बूढ़ी दिवाली’ मेला इस वर्ष एक से चार दिसंबर तक आयोजित किया जाएगा। मेले के सफल आयोजन को लेकर निरमंड प्रशासन और मेला आयोजन कमेटी ने मिलकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। मेले के सफल आयोजन को लेकर एसडीएम निरमंड मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में पंचायत समिति सभागार निरमंड में बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि भूतेश्वर महादेव देवता साहब ढरोपू के सानिध्य में आयोजित होने वाली बूढ़ी दिवाली मेले की शोभा बढ़ाने हेतू देवता साहब कोट और देवता साहब शाना ऋषि को भी निमंत्रण दिया जाएगा। एसडीएम ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से व शरारती तत्वों से निपटने के लिए मेला मैदान तमिउड़ी में जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिससे मेले के दौरान आपराधिक घटनाओं पर भी अंकुश लगेगा। उन्होंने बताया कि पहली दिसंबर की रात्रि को प्राचीन श्रात की बूढ़ी दिवाली का आयोजन होगा। जिसमें लोगों को यहां की प्राचीन एवं ऐतिहासिक लोक संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। वहीं दो से चार दिसंबर तक
मेला आयोजित होगा।
जिसमें दिन की पारंपरिक नाटी के साथरात्रि को सांस्कृतिक संध्याओं में स्टार कलाकारों के अलावा स्थानीय स्कूल कालेज के बच्चों, स्थानीय कलाकारों के अलावा अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए जाएंगे। मेले में खंड चिकित्सा अधिकारी निरमंड डा. संजय आनंद के प्रयासों से अवेरी पट्टी स्थित भारतीय सेना के अधिकारियों द्वारा एक सैन्य प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इस दौरान मेले के समापन उपरांत पांच दिसंबर को उपमंडल रेडक्रॉस सोसायटी के तत्वावधान में एक रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा, और निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किया जाएगा। मेले के दौरान महिला मंडलों और स्थानीय स्कूली बच्चों की लोकनृत्य प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जाएगा। एसडीएम निरमंड ने बताया कि जल्द ही बूढ़ी दीवाली के आयोजन को लेकर बैठक की जाएगी। जिसमें मेला आयोजन को लेकर उप समितियों का गठन किया जाएगा। बैठक में डीएसपी आनी चंद्रशेखर कायथ, नायब तहसीलदार उमा दत्त, खंड विकास अधिकारी निरमंड मृकना देवी, नगर पंचायत निरमंड के सचिव हरि शर्मा, अध्यक्षा ममता रानी उपाध्यक्ष विकास शर्मा, पार्षद अमर चंद, उषा शर्मा, पदमा शर्मा, रीना भारद्वाज, जागृति मंच निरमंड के अध्यक्ष जनक राज कश्यप, सचिव देवेंद्र शर्मा, अंबिका माता मंदिर के कारदार पुष्पेंद्र शर्मा मौजूद रहे।




