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जल बिना जीवन की कल्पना संभव नहीं: Babulal Jaju


Bhilwara: भारतीय सांस्कृतिक निधि (इन्टेक) चैप्टर भीलवाड़ा द्वारा विश्व जल दिवस पर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पांसल में जल संरक्षण एवं प्रबंधन विषय पर निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया जिसमें छात्र-छात्राओं ने निबंध के माध्यम से जल संरक्षण एवं प्रबंधन पर प्रकाश डाला। इन्टेक कन्वीनर बाबूलाल जाजू ने शुद्ध पेयजल की गम्भीर होती विकराल स्थिति को इंगित करते हुए कहा कि जल बिना जीवन की कल्पना संभव नहीं है। धरती पर 4 प्रतिशत शुद्ध पीने योग्य पानी है इसलिए हमें जल के खर्च करने के तौर तरीकों में बदलाव के साथ ही जल की बर्बादी को रोककर वर्षा के जल को सहेजना होगा। जाजू ने कहा कि हमारी आधुनिक जीवनशैली से पानी का खर्च 20 गुना बढ़ गया है व वर्षा का अनुपात 60 प्रतिशत रह गया है। इंटेक कोषाध्यक्ष दिलीप गोयल एवं विद्यालय कार्यक्रम प्रभारी गुमानसिंह पीपाड़ा ने बताया कि 27 प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र एवं जल संरक्षण से संबंधित कैटलॉग प्रदान किये गये। प्रतियोगिता के बाद सुरेश सुराना, शिक्षिका कुसुम तिवारी एवं सुशीला पंवार ने जल संरक्षण के प्रति छात्र-छात्राओं को जागरूक करने हेतु विचार व्यक्त किया। विद्यालय प्रिंसिपल आशा मंत्री ने प्रतियोगिता के लिए इंटेक का आभार व्यक्त किया।

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