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बिना डस्टबिन नहीं हो रही गाडिय़ों की पासिंग, आदेशों को हल्के में ले रहे ड्राइवर


Shimla. शिमला। हिमाचल प्रदेश में उन वाहनों की पासिंग परिवहन विभाग ने नहीं की, जिनमें डस्टबिन नहीं थे। ऐसे सैकड़ों वाहनों की पासिंग बुधवार को रोक दी गई और हिदायत दी गई कि वह कार बिन लगाकर आएं तभी गाड़ी पास होगी। बुधवार को परिवहन विभाग के आरटीओ ने पूरे प्रदेश में मुहिम चलाई, जिसमें वाहन मालिकों, वाहन चालकों को जागरूक किया गया। अभी फिलहाल इनके चालान नहीं किए गए हैं क्योंकि लोगों में जागरूकता लाने के लिए कदम उठाया जा रहा है, जिसके बाद फिर चालान का दौर शुरू होगा। राज्य सरकार ने प्रदेश में व्यवसायिक वाहनों में कार बिन (कूड़ेदान) रखना अनिवार्य कर दिया है। व्यवसायिक वाहन चाहे एचआरटीसी की बस ही क्यों न हो सभी में यह नियम लागू होगा। बुधवार को पहले दिन प्रदेश भर में पासिंग के लिए आए वाहनों के चालान तो नहीं काटे गए उन्हें केवल हिदायत दी गई। नियम के बारे में बताया गया। हिमाचल में हर साल डेढ़ करोड़ से दो करोड़ पर्यटक शिमला

आते हैं।

निजी वाहनों के अलावा लग्जरी बसें, टैक्सी व टैम्पो ट्रेवलर से भी पर्यटक घूमने आते हैं। कई बार वाहन चालक बसों में फेंके कूड़े को सडक़ के किनारे ही डाल देते हैं। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी आरटीओ और मोटर वाहन निरीक्षक एमवीआई अब केवल उन्हीं वाहनों को पास करेंगे जिनमें कार बिन्स यानी कूड़ेदान लगे होंगे। एचआरटीसी ने बसों में कूड़ादान लगाने का कार्य तेज कर दिया है। निगम खुद ही इस कूड़ेदान को तैयार करवा रहा है। लंबी दूरी की बसों में इसे लगा दिया गया है। स्थानीय रूटों पर चलने वाली बसों में भी इसे लगाया जा रहा है। इसके साथ ही चालक परिचालकों को निर्देश दिए हैं कि वह यात्रियों को भी इस बारे में जागरूक करें। वाहन मालिकों व चालकों को बताया गया कि सरकार ने सभी व्यवसायिक वाहनों में कूड़ादान लगाना अनिवार्य कर दिया है। कूड़ादान नहीं होने पर दस हजार जुर्माना लग सकता है, जबकि कूड़ा सडक़ पर इधर-उधर फेंकने पर 1500 रुपए के जुर्माने का प्रावधान है। राजधानी शिमला के तारादेवी में वाहनों की पासिंग के लिए जिलाभर से पहुंचे वाहन चालकों को इसकी बाकायदा हिदायत दी गई। इसी तरह अन्य जिलों में भी सभी एमवीआई व आरटीओ ने हिदायत दी है। इसे लगाने का ज्यादा खर्च नहीं है। प्रदेश को सुंदर व स्वच्छ बनाने के लिए सभी का सहयोग अनिवार्य है।

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