रायपुर में मुर्दे ने बेच दी 49 लाख की जमीन

रायपुर। Raipur Crime : छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के अभनपुर तहसील में एक चौंकाने वाला धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। एक व्यक्ति ने मृतक पुरुष के नाम पर फर्जी बैनामा कराकर 49 लाख रुपये की जमीन बेच दी। पीड़ित ने आरोपियों के खिलाफ छल, कपट और धोखाधड़ी का आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की है।

पीड़ित जिला पंचायत सदस्य अन्नु तारक (45 वर्ष), निवासी ग्राम कोलर, थाना एवं तहसील अभनपुर ने अपनी शिकायत में बताया कि उनकी जमीन से लगे जमीन की बिक्री के लिए देवेन्द्र वर्मा (पिता शारदा, निवासी टेकारी, अभनपुर) और कमलनारायण वर्मा (पिता शारदा प्रसाद वर्मा, निवासी केन्द्री, अभनपुर) ने उन्हें ग्राम टेकारी में स्थित एक कृषि भूमि (खसरा नंबर 360, मूल खसरा संबंधित 323/1) के बारे में बताया। यह भूमि बोधनी (पति सरजू, निवासी केन्द्री) और शारदा (पिता प्यारेलाल, निवासी टेकारी) के संयुक्त स्वामित्व में बताई गई।

– Advertisement –

Ad image

आरोपियों ने दावा किया कि वे इस भूमि को बेचना चाहते हैं। अन्नु तारक ने उनकी बातों पर भरोसा कर 24 जून 2025 को बैनामा पंजीयन करा लिया और कुल 49 लाख 47 हजार रुपये (40 लाख नगद + 9 लाख 47 हजार आरटीजीएस) का भुगतान किया। इसके बाद उन्होंने स्वामित्व और कब्जा प्राप्त किया तथा राजस्व रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया।

बाद में अन्नु तारक ने 3 जुलाई 2025 को इस भूमि को केता कौशल तारवानी और कपिल तारवानी को बेच दिया, जिन्होंने भी अपना नामांतरण करा लिया। लेकिन नामांतरण के दौरान खुलासा हुआ कि विक्रेता बताई गई शारदा (पिता प्यारेलाल) की मृत्यु 23 अप्रैल 2021 को ही हो चुकी थी, जिसकी पुष्टि मृत्यु प्रमाण पत्र (रजिस्ट्रेशन क्रमांक डी-2021/000004) से हुई है। बैनामा पंजीयन से चार साल पहले ही शारदा की मौत हो चुकी थी।

– Advertisement –

Ad image

पीड़ित का आरोप है कि देवेन्द्र वर्मा और कमलनारायण वर्मा (जो शारदा के पुत्र हैं) को इस तथ्य की पूरी जानकारी थी। फिर भी उन्होंने जानबूझकर छल-कपट से मृतक शारदा के स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति को खड़ा कर फर्जी बैनामा कराया। दोनों आरोपियों ने गवाह के रूप में भी हस्ताक्षर किए। बोधनी (पति सरजू) भी आरोपी बताई गई हैं।

अन्नु तारक ने कहा, मुझे पूरी तरह धोखे में रखा गया। मैं मानसिक रूप से परेशान हूं। आरोपियों ने कूटरचना कर अवैध तरीके से भूमि बेची। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से अनुरोध किया है कि बोधनी, देवेन्द्र वर्मा और कमलनारायण वर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी, छल-कपट और आपराधिक षड्यंत्र के तहत मामला दर्ज कर जांच की जाए।

यह मामला छत्तीसगढ़ में बढ़ते भूमि घोटालों की श्रृंखला में एक और उदाहरण है, जहां मृतकों के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर करोड़ों की ठगी की जा रही है। पुलिस जांच शुरू होने पर कई और खुलासे होने की आशंका है। जांच के बाद ही पूरा मामला स्पष्ट होगा।

आदेश पर रोक के बाद जांच शुरू
ग्राम पंचायत टेकारी के खसरा नंबर 323/1 को लेकर ये पूरा मामला सामने आया है। मैंने वसीयत के आवेदन के आधार पर नाम दुरूस्त करने का आदेश जारी किया था, लेकिन अब इस आदेश पर रोक लगा दी गई है और जांच शुरू कर दी गई है। यदि किसी प्रकार की गड़बड़ी मिलती है तो एफआईआर भी कराई जाएगी।

Raipur Breaking : रायपुर में बड़ी उठाईगिरी: रजिस्ट्री कराने आए अफसर की कार से 38 लाख पार, अपनों ने ही रची थी साजिश!


Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button