रायपुर: आबकारी का ओवरटाइम घोटाला, कारोबारी सिद्धार्थ हो सकते हैं गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के आबकारी विभाग में सामने आए ओवरटाइम घोटाले ने सरकार और विभागीय अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। EOW-ACB की जांच में खुलासा हुआ है कि विभाग में मैनपावर सप्लाई और कर्मचारियों के ओवरटाइम भुगतान के नाम पर करोड़ों रुपये की गड़बड़ी की गई। जांच एजेंसियों का दावा है कि फर्जी दस्तावेजों और बिलों के जरिए सरकारी खजाने को बड़ा नुकसान पहुंचाया गया।
जानकारी के मुताबिक, घोटाले में कई निजी एजेंसियों और विभागीय अधिकारियों की भूमिका सामने आई है। आरोप है कि जिन कर्मचारियों ने काम ही नहीं किया, उनके नाम पर भी ओवरटाइम का भुगतान दिखाया गया। इसके अलावा कई जगह फर्जी उपस्थिति और बढ़े-चढ़े बिल लगाकर रकम निकाली गई। बता दें कि रायपुर के व्यापारी सिद्धार्थ सिंघानिया का नाम सामने आया है जिससे गिरफ्तारी की अटकलें लगाई जा रही है।
मामले में EOW-ACB ने कार्रवाई करते हुए 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी अब बैंक खातों, दस्तावेजों और लेनदेन की जांच कर रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कुछ और अधिकारियों और कारोबारियों पर भी शिकंजा कस सकता है।
सरकार ने मामले को गंभीर मानते हुए विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि घोटाले की कुल रकम कितनी है और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।
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