व्यापारी के कर्मचारियों का ‘अपहरण’, नकली डील के जाल में फंसाकर 42 लाख लूटे

कोलकाता: गुजरात के एक व्यापारी के दो कर्मचारियों को कथित तौर पर एक गिरोह ने व्यापारिक लेन-देन के बहाने लूट लिया। उनसे 42 लाख रुपए लूटने के बाद, आरोपियों ने कथित तौर पर दोनों कर्मचारियों का अपहरण कर लिया और उन्हें जबरन एक कार में डाल दिया।

आरोप है कि बाद में दोनों व्यक्तियों को हावड़ा जिले में कोना एक्सप्रेसवे पर ले जाया गया और कार से बाहर फेंक दिया गया। पुलिस ने मंगलवार को बताया कि घटना के बारे में पता चलने के बाद, गुजरात के व्यापारी कोलकाता पहुंचे और एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। कथित लूट की यह घटना दक्षिण कोलकाता के सर्वे पार्क इलाके में हुई। व्यापारी ने सर्वे पार्क पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद लूट और अपहरण का मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की पहचान करने के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।

पुलिस ने बताया कि यह घटना इस महीने के पहले सप्ताह में हुई थी। गुजरात के गांधीनगर के रहने वाले व्यापारी से कथित तौर पर कोलकाता के कुछ लोगों ने एक व्यापारिक सौदे के सिलसिले में संपर्क किया था।

संदिग्धों ने खुद को व्यापारी बताया और कोलकाता से गुजरात कुछ सामान भेजने के बारे में चर्चा की। बताया गया कि यदि वह 42 लाख रुपए का भुगतान कर देते हैं, तो सामान तुरंत भेज दिया जाएगा। इस समझौते के बाद, गांधीनगर के व्यापारी ने अपने दो कर्मचारियों के माध्यम से कोलकाता पैसे भिजवाए। उन्हें दक्षिण कोलकाता के न्यू संतोषपुर इलाके में एक घर में ले जाया गया। वहां पहुंचने पर, कर्मचारियों से कथित तौर पर नकदी सौंपने के लिए कहा गया, जबकि उन्होंने बदले में सामान की डिलीवरी की मांग की।

आरोप है कि इसके बाद दोनों कर्मचारियों को उसी घर के एक कमरे में बंद कर दिया गया। कथित तौर पर लगभग छह हथियारबंद लोगों ने उन्हें बंदूक की नोक पर रखा और कर्मचारियों से 42 लाख रुपए वाला बैग छीन लिया।

इसके बाद आरोपी पीड़ितों को एक वाहन में ले गए और घटनास्थल से फरार होने से पहले उन्हें कोना एक्सप्रेसवे पर छोड़ दिया। पीड़ित किसी तरह हावड़ा रेलवे स्टेशन पहुंचने में कामयाब रहे और गुजरात लौट आए, जहां उन्होंने व्यापारी को पूरी घटना के बारे में जानकारी दी।

फिर, कारोबारी कोलकाता पहुंचे और सर्वे पार्क पुलिस स्टेशन में कर्मचारियों के अपहरण और लूट के संबंध में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अब उस घर की पहचान करने की कोशिश कर रही है, जहां पीड़ितों को रखा गया था। जांचकर्ता उस वाहन का पता लगाने और कारोबारी से संपर्क करने के लिए इस्तेमाल किए गए कॉन्टैक्ट नंबरों के जरिए आरोपियों की पहचान करने की कोशिश में भी जुटी है। वहीं, सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।


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