#Social
आतंकवाद मुर्दाबाद, पाकिस्तान मुर्दाबाद से गूंजा घुमारवीं

Ghumarwin. घुमारवीं। सोमवार को घुमारवीं में एनएसयूआई अध्यक्ष नितिन चढ्ढा के नेतृत्व में घुमारवीं में पाकिस्तान का विरोध किया। जिसमें भारतीय सेना जिंदाबाद, तिरंगा ही लहराया था तिरंगा ही लहराएगा, आतंकवाद मुर्दाबाद व पाकिस्तान मुर्दाबाद सहित अन्य नारे लगाए गए। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन जिला बिलासपुर के अध्यक्ष नितिन चड्ढा ने बताया की भारतवर्ष का हर एक युवा भारत की सरकार के साथ कंधा से कंधा मिलाकर खड़ा है। भारतीय सेना ने पाकिस्तान को अच्छा सबक सिखाया, लेकिन जिस तरह अमेरिका के राष्ट्रपति द्वारा युद्ध विराम का संदेश ट्वीट कर कर दिया गया, वह बहुत ही निंदनीय है। आज वह 56 इंच का सीना कहां है, क्या हम अपने देश का डिसीजन भी नहीं ले सकते, कब युद्ध करना है कब युद्ध रोकना है क्या अमेरिकी राष्ट्रपति हमें यह बताएंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल किया कि क्यों आपके द्वारा या भारतीय सेना के प्रमुखों द्वारा युद्ध विराम का संदेश देने की बजाय अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा यह संदेश दिया
जाता है।
हमारी सेनाएं जमीन पर तो युद्ध जीत जाती हैं, लेकिन हमारी सरकार अंडर टेबल पर बैठ कर हार गई। भारत को मिशन सिंदूर से मिला क्या। क्या पहलगांव हमले में शामिल आतंकवादी पकड़े गए, जिन्होंने पहलगाम में निर्दोष लोगों की हत्या की । ना पाकिस्तान द्वारा हमारे उसे बीएसएफ जवान को छोड़ा गया, जो उन्होंने वहां पकड़ कर रखा है । भारत में इससे पहले भी दो प्रधानमंत्री ऐसे हुए जो कभी अमेरिका के आगे झुके नहीं चाहे वह स्वर्गीय इंदिरा गांधी जी की बात हो या चाहे अटल बिहारी वाजपेई जी की लेकिन आज 56 इंच के सीने वाले प्रधानमंत्री का स्टैंड क्या है क्या यह सिर्फ चुनाव के लिए ही सब करते हैं और 2014 से पहले यह बोलते थे कि भारत का एक-एक हिस्सा एक.एक टुकड़ा जो दूसरे देशों द्वारा कब्जा ले लिया गया है मैं उसको लेकर बताऊंगा, लेकिन क्यों 12 साल बीत जाने के बाद भी आज तक उनसे एक भी जगह नहीं ली गई। भारत के प्रधानमंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए अगर अमेरिका के राष्ट्रपति ही सारे भारत के निर्णय लेने हैं, तो भारत को प्रधानमंत्री की जरूरत ही क्या है । इस मौके पर बिलासपुर कैंपस अध्यक्ष जुनेद शेख घुमारवीं से इरफान पठान, सुशांत, निखिल मिन्हास व विशाल रंगरा सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।




