जल्द ही बढ़ने वाली हैं ज़मीन रजिस्ट्री की शुल्क

 

रायपुर। CG : छत्तीसगढ़ के शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में 6 साल बाद जमीनों का सरकारी मूल्य बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। 2019 से छत्तीसगढ़ में जमीन की गाइड लाइन दरों में परिवर्तन न होने से रजिस्ट्री शुल्क में कोई वृद्धि नहीं हुई है। मूल्य रिवाइज होने पर जमीन की कीमतों सहित रजिस्ट्री शुल्क भी बढ़ जाएगा।

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कलेक्टर गाइडलाइन
जमीन की सरकारी गाइडलाइन अनुसार मूल्य न बढ़ने से प्रदेश के लोगों को जमीन की खरीद और रजिस्ट्री में राहत मिलती रही है। अब दर बढ़ाने की तैयारी है। इससे जमीन की कीमतें बढ़ जाएंगी।

बतादें कि पिछले 6 साल से गाइडलाइन दरें नहीं बढ़ाई गई हैं। रजिस्ट्री में मिलने वाली 30 फीसदी की छूट लगभग साल भर पहले ही खत्म की जा चुकी है। अब इसमें भी 10 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की संभावना है। गाइडलाइन दरें बढ़ने से जमीनों का रेट बढ़ेगा, इसका लाभ जमीन मालिकों और विक्रेताओं को मिलेगा।

पंजीयन विभाग के पत्र के बाद प्रशासन हुआ सक्रिय
पंजीयन विभाग रायपुर ने कलेक्टरों को इस संदर्भ में पत्र भेजा है। कई बिंदुओं पर सरकारी रेट बढ़ाने के संदर्भ में जानकारी मंगाई गई है। इसके बाद प्रशासन ने जिले के सभी तहसील और ब्लॉक से कृषि, आवासीय, व्यवसायिक जमीनों की खरीद बिक्री दरों की जानकारी मंगवाई है। 15 अप्रैल तक सभी जिलों से रिपोर्ट रायपुर जाएगी। इसके बाद निर्णय होगा कि कितना रेट बढ़ाया जाए या फिर यथावत रखा जाए।

गाइड लाइन बढ़ने की आशंका में जमीन खरीद-बिक्री में तेजी
गाइडलाइन दर बढ़ने की आशंका पर लोग पहले ही जमीन खरीदी-बिक्री कर लेना चाहते हैं। होली के समय इसमें कमी आई थी। अभी प्रतिदिन सौ से ज्यादा रजिस्ट्री स्थानीय जिला कार्यालय में हो रहीं हैं। तहसील को मिलाकर यह संया ज्यादा है। 31 मार्च तक इसमें और तेजी आएगी। बडे इंवेस्टर्स और रियल इस्टेट कारोबारी यह पता करने की भी कोशिश कर रहे हैं कि जमीनों के सरकारी रेट पूर्ववत रहेंगे या बढ़ोतरी की जाएगी।

समीक्षा के बाद मई से नई दरें लागू होने की संभावना, रजिस्ट्री में मिलने वाली 30% छूट पहले ही खत्म

जिला पंजीयक के आर. स्वर्णकार ने कहा कि जमीन की दरें रिवाइज करने के लिए राज्य शासन और प्रशासन से मिले निर्देशों के अनुसार प्रक्रिया शुरू की गई है। जिले, तहसील और ब्लॉक स्तर से जमीन के खरीद मूल्य की जानकारी संबंधित अधिकारियों के माध्यम से 31 मार्च तक मंगवाई जा रही है। इसके बाद जो भी निर्देश मिलेंगे उसके अनुसार दरें तय की जाएंगी।


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