तोरवा पुलिस ने रेलवे मोबाइल लुटेरों के गिरोह का किया भंडाफोड़, 4 आरोपी गिरफ्तार

पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह ट्रेन की आउटर पर धीरे चलती गाड़ियों को निशाना बनाता था। आरोपियों का तरीका यह था कि ट्रेन के दरवाजे पर खड़े यात्रियों के हाथ में डंडा मारते, जिससे मोबाइल नीचे गिर जाता और मौके का फायदा उठाकर मोबाइल को लूटकर फरार हो जाते। यह तरीका काफी चौंकाने वाला और खतरनाक था, जिससे यात्रियों में दहशत फैल गई थी। ताज़ा मामला 24 सितंबर का है। पश्चिम बंगाल निवासी मेहंदी हसन अपने मोबाइल पर ट्रेन में खड़ा होकर बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान बिलासपुर आउटर पर आरोपियों ने उनके हाथ में डंडा मारकर मोबाइल गिरा दिया और लूट लिया। घटना की शिकायत पर थाना तोरवा में मामला दर्ज किया गया और पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की।
पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई। मुखबिर की सूचना और सतत् तलाश के बाद पुलिस ने चारों आरोपियों को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपनी वारदात स्वीकार की। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से लूटा गया मोबाइल और पहले से लूटे गए छह अन्य मोबाइल भी जब्त किए गए। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की उम्र 20 से 21 वर्ष के बीच है और यह गिरोह लंबे समय से रेलवे यात्रियों को निशाना बना रहा था। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी से रेलवे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सतत् निगरानी जारी रहेगी।
पुलिस ने आगे कहा कि आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। साथ ही यात्रियों से अपील की गई है कि वे अपनी सुरक्षा का ध्यान रखें, और अपने मोबाइल या कीमती सामान को ट्रेन में सुरक्षित रखें। पुलिस ने यह भी चेतावनी दी कि रेलवे स्टेशन और ट्रेन में ऐसे अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। स्थानीय लोगों का कहना है कि रेलवे आउटर पर इस तरह के अपराध अक्सर होते रहे हैं और यात्रियों की सुरक्षा के लिए प्रशासन को सतर्क रहना चाहिए। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई की सराहना की और कहा कि गिरोह के पकड़े जाने से लोगों में थोड़ी राहत महसूस हुई है।
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