तोरवा पुलिस ने रेलवे मोबाइल लुटेरों के गिरोह का किया भंडाफोड़, 4 आरोपी गिरफ्तार

Bilaspur. बिलासपुर। तोरवा पुलिस ने रेलवे यात्रियों को निशाना बनाने वाले मोबाइल लुटेरों के एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से लूटा गया मोबाइल और पहले से लूटे गए छह अन्य मोबाइल जब्त किए गए हैं। इन मोबाइल की कुल कीमत लगभग 1 लाख रुपये है। पकड़े गए आरोपियों में प्रवीण कुमार यादव (20 वर्ष) निवासी शांति विहार कॉलोनी, महमंद, अखिलेश दास (21 वर्ष) निवासी हेमू नगर, अंकुश ललपुरे (21 वर्ष) निवासी हेमू नगर और निकेश यादव (20 वर्ष) निवासी शंकर नगर, यादव मोहल्ला शामिल हैं। सभी आरोपी तोरवा थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं और रेलवे यात्रियों को निशाना बनाने की योजना बनाकर इस तरह की वारदातों को अंजाम देते थे।

पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह ट्रेन की आउटर पर धीरे चलती गाड़ियों को निशाना बनाता था। आरोपियों का तरीका यह था कि ट्रेन के दरवाजे पर खड़े यात्रियों के हाथ में डंडा मारते, जिससे मोबाइल नीचे गिर जाता और मौके का फायदा उठाकर मोबाइल को लूटकर फरार हो जाते। यह तरीका काफी चौंकाने वाला और खतरनाक था, जिससे यात्रियों में दहशत फैल गई थी। ताज़ा मामला 24 सितंबर का है। पश्चिम बंगाल निवासी मेहंदी हसन अपने मोबाइल पर ट्रेन में खड़ा होकर बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान बिलासपुर आउटर पर आरोपियों ने उनके हाथ में डंडा मारकर मोबाइल गिरा दिया और लूट लिया। घटना की शिकायत पर थाना तोरवा में मामला दर्ज किया गया और पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की।

पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई। मुखबिर की सूचना और सतत् तलाश के बाद पुलिस ने चारों आरोपियों को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपनी वारदात स्वीकार की। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से लूटा गया मोबाइल और पहले से लूटे गए छह अन्य मोबाइल भी जब्त किए गए। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की उम्र 20 से 21 वर्ष के बीच है और यह गिरोह लंबे समय से रेलवे यात्रियों को निशाना बना रहा था। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी से रेलवे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सतत् निगरानी जारी रहेगी।

पुलिस ने आगे कहा कि आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। साथ ही यात्रियों से अपील की गई है कि वे अपनी सुरक्षा का ध्यान रखें, और अपने मोबाइल या कीमती सामान को ट्रेन में सुरक्षित रखें। पुलिस ने यह भी चेतावनी दी कि रेलवे स्टेशन और ट्रेन में ऐसे अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। स्थानीय लोगों का कहना है कि रेलवे आउटर पर इस तरह के अपराध अक्सर होते रहे हैं और यात्रियों की सुरक्षा के लिए प्रशासन को सतर्क रहना चाहिए। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई की सराहना की और कहा कि गिरोह के पकड़े जाने से लोगों में थोड़ी राहत महसूस हुई है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस गिरोह की पूरी नेटवर्किंग और वारदातों की जानकारी जुटाई जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के गिरोह अक्सर ट्रेन की भीड़ और कमजोर निगरानी का फायदा उठाते हैं, इसलिए पुलिस टीम लगातार आउटर और रेलवे प्लेटफार्म पर पैट्रोलिंग कर रही है। इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश गया है कि रेलवे और सार्वजनिक परिवहन में यात्रियों की सुरक्षा को खतरा पहुंचाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने यह भी बताया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए और सख्त निगरानी की जाएगी और आरोपी गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान की जा रही है। तोरवा पुलिस ने सभी यात्रियों से अपील की है कि वे अपने मोबाइल और अन्य कीमती सामान सुरक्षित रखें, और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। अधिकारियों ने कहा कि यात्रियों और पुलिस की सतर्कता से ही ऐसे गिरोहों को पकड़ना संभव होता है।

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