पूर्व महापौर डॉ. अजय तिर्की ने निगम कर्मचारियों को गालियां दी

Ambikapur. अंबिकापुर। अंबिकापुर नगर निगम क्षेत्र में सड़क मरम्मत को लेकर पूर्व महापौर डॉ. अजय तिर्की का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने निगम कर्मचारियों और ठेकेदारों पर भड़के और गालियां देने लगे। डॉ. तिर्की ने नगर निगम पर सड़कों के मरम्मत कार्य में दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। जानकारी के अनुसार, कांग्रेस वार्ड पार्षद गीता पार्षद ने पूर्व महापौर को बताया कि उनके वार्ड में सड़क की पूरी मरम्मत नहीं हो रही है। केवल गड्ढे भरने का काम किया जा रहा है। यह जानकारी मिलने के बाद डॉ. अजय तिर्की रात को मौके पर पहुंचे और सड़क मेंटनेंस कर रहे कर्मचारियों से काम रोकने का आग्रह किया। कर्मचारियों ने काम नहीं रोका, तो डॉ. तिर्की ने चेतावनी दी कि “रुक जाओ, नहीं तो बहुत मारूंगा।” उनके तीव्र तेवर देखकर निगम कर्मचारी और ठेकेदार के कर्मचारी सहम गए और काम बंद करके वहां से चले गए।

महापौर ने पूर्व महापौर के व्यवहार पर टिप्पणी की

इस मामले पर भाजपा महापौर मंजूषा भगत ने कहा कि पूर्व महापौर को कर्मचारियों को गाली नहीं देना चाहिए था। उन्होंने कहा कि डॉ. तिर्की विकास देखकर बौखलाए हुए हैं। महापौर ने यह भी कहा कि निगम क्षेत्र में हाल ही में कई करोड़ के विकास कार्य स्वीकृत हुए हैं। नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि नवापारा तिराहे से शिव मंदिर, चर्च और आगे की सड़क पर केवल मरम्मत कार्य स्वीकृत हुआ था। यह सड़क बारिश में खराब हो गई थी और गड्ढों के कारण जनता को परेशानी हो रही थी। वहीं, नवापारा हॉस्पिटल से ग्रामीण बैंक तक की सड़क पर भी केवल गड्ढे भरने का कार्य होगा। डॉ. अजय तिर्की ने इस दिशा में सवाल उठाए और कहा कि निगम में भाजपा दोहरा रवैया अपना रही है। जहां भाजपा पार्षद हैं, वहां नई सड़क बनाई जा रही है, जबकि कांग्रेस वार्डों में केवल गड्ढे भरे जा रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राष्ट्रपति के दौरे के दौरान केवल उस रास्ते की सड़क बनाई गई, जहां से राष्ट्रपति का काफिला गुजरा।

पूर्व महापौर की प्रतिक्रिया और अपील

डॉ. तिर्की ने कहा कि जनता के साथ दोहरा रवैया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने मंत्री राजेश अग्रवाल से अपील की कि कांग्रेस वार्डों में विकास कार्यों में पक्षपात न हो। नगर निगम की सामान्य सभा में भी दोहरे मापदंड का मुद्दा उठा था। विपक्ष का आरोप था कि कांग्रेस वार्डों के लिए विकास कार्यों की राशि कम दी जा रही है, जबकि भाजपा पार्षदों वाले वार्डों में भरपूर कार्य स्वीकृत किए गए हैं। पूर्व महापौर के अचानक आगमन और कर्मचारियों को धमकी देने से मौके पर निगम कर्मियों और ठेकेदारों में भय व्याप्त हो गया। वार्ड के लोगों ने बताया कि सड़क की मरम्मत में इस तरह का व्यवहार नगर निगम कर्मचारियों के लिए भी चुनौतीपूर्ण स्थिति पैदा करता है। इस मामले ने नगर निगम प्रशासन और राजनीतिक दलों के बीच विरोधाभास को उजागर किया। भाजपा और कांग्रेस के बीच विकास कार्यों के वितरण में भेदभाव के आरोप पहले भी सामने आ चुके हैं।

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