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बडख़ोर में चीड़ के 40-50 हरे पेड़ों पर चली कुल्हाड़ी

Solan. सोलन। जंगलों की अवैध कटाई न केवल वन्यजीवों के लिए खतरा है बल्कि इससे प्राकृतिक संतुलन भी प्रभावित हो रहा है। जंगलों की अवैध कटाई से प्रदेश में भूस्खलन, पानी की कमी और जलवायु परिवर्तन जैसी समस्याएं गहराती जा रही हैं। इसके बावजूद, कई इलाकों में वन विभाग की लापरवाही या मिलीभगत के कारण माफिया अपनी गतिविधियों को अंजाम देने में सफल हो रहे हैं। जिला सोलन में भी ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां जिला मुख्यालय से कुछ किलोमीटर की दूरी पर ग्राम पंचायत शामती के बडख़ोर क्षेत्र में करीब 40 से 50 हरे-भरे चीड़ के पेड़ काट दिए गए। यह घटना प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण को लेकर सवाल खड़े कर रही है। जब स्थानीय ग्रामीणों ने इस बारे में वन विभाग को सूचना दी, तो विभाग की ओर से जांच की बात
कही गई।
इसके साथ ही, सीएम हेल्पलाइन 1100 पर भी शिकायत दर्ज करवाई गई, जिससे इस मामले को लेकर प्रशासन की गंभीरता देखी जा सकती है। स्थानीय निवासी नरेश मेहता ने बताया कि दो-तीन दिन पहले कुछ लोगों ने इन पेड़ों को काट दिया, जो बिल्कुल हरे और स्वस्थ थे। उन्होंने सवाल उठाया कि जब आम जनता को अपनी निजी भूमि पर एक-दो पेड़ काटने के लिए भी अनुमति लेनी पड़ती है, तो यहां बिना किसी परमिशन के इतनी भारी संख्या में पेड़ कैसे काट दिए गए? इस घटना के बाद क्षेत्र में वन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। पंचायत प्रधान लता और वन रक्षक विपिन ने बताया कि इस घटना की शिकायत मिलने के बाद मौके पर जाकर जांच की गई है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विपिन ने बताया कि जिन प्लॉटों पर ये पेड़ काटे गए, वहां दो-तीन लोगों की निजी भूमि थी, लेकिन नियमों के अनुसार, एक व्यक्ति अपनी भूमि पर केवल तीन पेड़ काट सकता है। यहां 50 से अधिक पेड़ काटे गए हैं, जो साफ तौर पर अवैध है।




