भारत-कनाडा क्रिटिकल मिनिरल्स और क्लीन एनर्जी सहयोग को लेकर लॉन्ग-टर्म सप्लाई चेन पार्टनरशिप को देंगे बढ़ावा

भारत-कनाडा क्रिटिकल मिनिरल्स और क्लीन एनर्जी सहयोग को लेकर लॉन्ग-टर्म सप्लाई चेन पार्टनरशिप को देंगे बढ़ावा

नई दिल्ली, 14 नवंबर : वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को दी गई जानकारी के अनुसार, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) के निमंत्रण पर कनाडा अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू 11 से 14 नवंबर 2025 तक भारत की आधिकारिक यात्रा की. दोनों देशों के मंत्रियों ने व्यापार और निवेश पर मंत्रिस्तरीय वार्ता के 7वें संस्करण का आयोजन किया.

इस कार्यक्रम के दौरान दोनों ही मंत्रियों की ओर से भारत-कनाडा आर्थिक साझेदारी की मजबूती और निरंतरता की पुष्टि की गई. साथ ही, निरंतर वार्ता, आपसी सम्मान और दूरदर्शी पहलों के माध्यम से द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता जताई गई. केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू ने दोनों देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं के द्विपक्षीय व्यापार में मजबूत वृद्धि पर प्रकाश डाला. दोनों देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं का द्विपक्षीय व्यापार 2024 में 23.66 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है, जो कि पिछले वर्ष की तुलना में 10 प्रतिशत की एक महत्वपूर्ण वृद्धि को दर्शाता है. यह भी पढ़ें : 5 Reasons Of NDA Victory in Bihar: ‘दसहजारी’ का जादू और ‘नारी शक्ति’ का प्रहार, NDA ने कैसे जीता बिहार? जानें महागठबंधन की हार की 5 बड़ी वजहें

मंत्रालय के बयान के अनुसार, दोनों देशों के बीच क्रिटिकल मिनिरल्स और क्लीन एनर्जी सहयोग को लेकर लॉन्ग-टर्म सप्लाई चेन पार्टनरशिप को बढ़ावा देने पर सहमति बनी है, जो कि एनर्जी ट्रांजिशन और न्यू-एज इंडस्ट्रियल विस्तार के लिए महत्वपूर्ण होगी. इसके अलावा, भारत और कनाडा की ओर से एयरोस्पेस और डुअल-यूज कैपेबिलिटीज पार्टनरशिप में निवेश और व्यापार के अवसरों को पहचानने और विस्तार को लेकर सहमित व्यक्त की है.

केंद्रीय मंत्री गोयल और मनिंदर सिद्धू ने सप्लाई चेन के महत्व को स्वीकारते हुए ग्लोबल डेवलपमेंट को लेकर विचारों का आदान प्रदान किया. दोनों मंत्रियों की ओर से क्रिटिकल सेक्टर में मजबूती बढ़ाने की जरूरत को समझते हुए डायवर्सिफाइड और विश्वसनीय सप्लाई चेन की जरूरत पर प्रकाश डाला गया, जो कि दोनों ही देश की लॉन्ग-टर्म इकोनॉमिक स्थिरता को सपोर्ट करेगा. उन्होंने द्विपक्षीय संवाद में गति बनाए रखने और लोगों के बीच संबंधों को बढ़ावा देने के महत्व पर जोर दिया, जो साझेदारी को एक मजबूत आधार प्रदान करते हैं. दोनों ही मंत्रियों की ओर से अगले वर्ष की शुरुआत में भारत और कनाडा में व्यापार एवं निवेश समुदाय के साथ मंत्रिस्तरीय वार्ता जारी रखने पर सहमति व्यक्त की गई.




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