#Social

महाकुंभ में जल निगम, नगरीय के तीन अस्थायी और नैनी, झूंसी के स्थायी एसटीपी करेंगे स्लज ट्रीटमेंट


महाकुंभनगर: महाकुंभ 2025 के लिए निर्माण कार्य पूरे जोरशोर से हो रहे हैं। सीएम योगी के स्वच्छ और स्वस्थ महाकुंभ के विजन को साकार करने में जल निगम, नगरीय पूरी क्षमता से कार्यरत है। एक ओर तो जल निगम, नगरीय महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पीने के पानी की व्यवस्था कर रहा है, साथ ही पूरे मेला क्षेत्र के स्लज निस्तारण की जिम्मेदारी भी संस्था की ही है।
इसी क्रम में निगम स्थायी और अस्थायी ट्रीटमेंट प्लांट, सेसफुल व्हीकल व पाइपलाइन की मदद से मेला क्षेत्र के 1,50,000 शौचालयों के स्लज का ट्रीटमेंट करेगा। इसी दिशा में अलोपी पम्पिंग स्टेशन का कार्य भी पूरा कर लिया गया है, ताकि महाकुंभ का अतिरक्त दबाव प्रयागराज शहर पर नहीं पड़े।
सनातन संस्कृति के सबसे बड़े आयोजन महाकुंभ 2025 में 40 करोड़ श्रद्धालुओं के प्रयागराज आने का अनुमान है। स्वच्छ और स्वस्थ महाकुंभ की सीएम योगी की मंशा के मुताबिक महाकुंभ मेला क्षेत्र को पूरी तरह ओडीएफ बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इस योजना के मुताबिक मेला क्षेत्र में रिकॉर्ड 1,50,000 शौचालय बनाए जा रहे हैं। मेला क्षेत्र के शौचालयों के स्लज का निस्तारण जल निगम, नगरीय ने 3 अस्थायी और नैनी, झूंसी के स्थायी एसटीपी और अरैल के फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट की मदद से किया जाएगा।
जल निगम नगरीय विभाग के अधिशासी अभियंता सौरभ कुमार ने बताया कि महाकुंभ के स्लज निस्तारण के लिए बार्क की मदद से मेला क्षेत्र में 3 अस्थायी एसटीपी बनाए गए हैं। इन एसटीपी तक स्लज पहुचांने का कार्य विभाग के 9 सेसफुल व्हीकल और सीवेज पाइप लाइन करेंगी। जल निगम में इसके लिए 4 हजार लीटर कैपेसिटी के चार, 3 हजार लीटर के तीन और हजार लीटर के दो सेसफुल व्हीकल मेला क्षेत्र में नियमित स्लज निस्तारण का कार्य करेंगे। मेला क्षेत्र का शेष गंदा पानी सीवेज पाइप लाइन से सीधे एसटीपी तक पहुंचेगा।
महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं के स्लज का अतिरिक्त दबाव प्रयागराज शहर पर नहीं पड़े, इसके लिए जल निगम ने पहले ही अलोपी पम्पिंग स्टेशन की क्षमता विस्तारीकरण का कार्य पूरा कर लिया है। इसके बारे में अधिशासी अभियंता सौरभ कुमार ने बताया कि अलोपी पम्पिंग स्टेशन की क्षमता 45 केएलडी से बढ़ाकर 80 केएलडी करने का कार्य पूरा कर लिया गया है। 10 दिसंबर से राइजिंग के कार्य के बाद अलोपी पम्पिंग स्टेशन पूरी क्षमता से कार्य करने लगेगा। इसके दोनों ओल्ड और न्यू सम्प की वर्किंग शुरू हो जाएगी।
साथ ही उन्होंने बताया कि सीएम योगी सात दिसंबर को अपने प्रयागराज दौर पर अरैल स्थित फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण करेंगे। ये ट्रीटमेंट प्लांट जून महीने से नैनी, महेवा और आस-पास के घरेलू सेप्टिक टैंक के स्लज को ट्रीट कर रहा है। यहां से ट्रीटेड स्लज झूंसी के को-ट्रीटमेंट प्लांट में भेजा जाता है, वहां से फाइनली 10 से 20 बीओडी का ट्रीटेड पानी छोड़ा जाता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button