यमुना के कायाकल्प की दिशा में बड़ा कदम, सफाई और बेहतर जल प्रबंधन के लिए 1000 करोड़ की परियोजनाओं को मिली मंजूरी

नई दिल्ली। दिल्ली सरकार यमुना नदी को प्रदूषणमुक्त बनाने के लिए बड़े पैमाने पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘मिशन यमुना’ के तहत नजफगढ़ नाले की सफाई, सीवेज ट्रीटमेंट सिस्टम को मजबूत करने और बेहतर जल प्रबंधन के लिए 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। सीएम रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि प्रदूषण के खिलाफ सरकार का अभियान कोई मौसमी प्रयास नहीं, बल्कि पूरे साल 365 दिन चलने वाला निरंतर महा अभियान है।
नजफगढ़ नाले पर फोकस, जल प्रबंधन को नई दिशा
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस भारी भरकम फंड का उपयोग नजफगढ़ नाले की पूरी सफाई, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट को आधुनिक बनाने और दिल्ली में बेहतर जल प्रबंधन व्यवस्था के लिए किया जाएगा। इससे यमुना की स्थिति में सुधार होगा और राजधानी के जल स्रोतों को स्वच्छ बनाने में मदद मिलेगी।
स्वदेशी एयर प्यूरिफिकेशन टेक्नोलॉजी का जायजा
सीएम रेखा गुप्ता ने कैबिनेट मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा और विधायक हरीश खुराना के साथ ‘मेड इन इंडिया’ अत्याधुनिक एयर प्यूरिफिकेशन टेक्नोलॉजी का मुआयना किया। इस सिस्टम में बिना फिल्टर एसटीआर 101 तकनीक लगी है। सतगुरु राम सिंह मार्ग पर पहले ही 21 ऐसे डिवाइस लगाए जा चुके हैं। यह प्रणाली हर घंटे करीब 3 लाख लीटर हवा को साफ करती है और PM 2.5, PM 10, धूल-धुंए जैसे प्रदूषकों को प्रभावी रूप से नियंत्रित करती है।
एंटी-स्मॉग गन और PAWAN III डिवाइस की पड़ताल
सरकार ने पहली स्वदेशी जीरो एमिशन एंटी-स्मॉग गन का भी जायजा लिया। यह EV माउंटेड गन कीर्ति नगर और मायापुरी जैसे भारी ट्रैफिक वाले इलाकों में लगाई गई है। इसके अलावा, कीर्ति नगर फायर स्टेशन के पास लगे PAWAN III पॉल्यूशन कंट्रोल डिवाइस की भी जांच की गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि PAWAN III की वजह से इलाके के प्रदूषण स्तर में काफी कमी आई है।
प्रदूषण के खिलाफ 365 दिन का अभियान
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए सरकार की मुहिम पूरे साल बिना रुके जारी रहेगी। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लोगों से इस अभियान में सक्रिय सहयोग करने की अपील की है।
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