रायपुर पुलिस द्वारा दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु चलाया सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान

Raipur. रायपुर। रायपुर पुलिस द्वारा जिले के मालवाहन वाहनों को मालवाहक वाहन में सवारी परिवहन नही करने के संबंध में चलाए जा रहे सड़क सुरक्षा जनजागरूकता अभियान के तहत आज दिनांक को जिले के थाना आजादचौक में जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बता दे कि विगत दिन जिले के खरोरा थाना क्षेत्र के ग्राम बंगोली में मालवाहक वाहन में यात्री परिवहन के दौरान गंभीर सड़क दुर्घटना में 13 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई एवं 14 लोग गंभीर रूप से घायल हो गये जिसे देखते हुए रायपुर पुलिस द्वारा मालवाहक वाहन चालक/ मालिकों को सवारी परिवहन नही करने के संबंध में जागरूक करने हेतु जनजागरूकता अभियान की शुरुआतकी गई।

थाना आजादचौक क्षेत्र में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन:- रायपुर पुलिस द्वारा आज दिनांक को जिले के थाना आजादचौक रायपुर में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसके तहत थाना क्षेत्र के लगभग 100 मालवाहक वाहन चालकों को रायपुर पुलिस के अधिकारियों द्वारा मालवाहक वाहन में सवारी परिवहन करने से होने वाले गंभीर दुर्घटनाओं के बारे में अवगत कराते हुए मालवाहक वाहन में सवारी परिवहन नही करने समझाइस दी गई। उक्त कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दौलत राम पोर्ते, नगर पुलिस अधीक्षक अमन कुमार झा , थाना प्रभारी आजाद चौक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायपुर डॉ लाल उमेद सिंह द्वारा उपस्थित मालवाहक वाहन मालक/चालकों को मालवाहक वाहन में सवारी परिवहन करने से संबंधित कानूनी प्रावधानों के बारे में बताते हुए वाहन के समस्त दस्तावेज, लायसेंस, बीमा, आर.सी. बुक, प्रदूषण प्रमाण पत्र, परमिट, फिटनेस इत्यादि वाहन में ही रखने, चालक के पास वैध लायसेंस होने पर ही वाहन चलाने दे, नशे की हालत में वाहन न चलाएॅ, ओव्हर स्पीड वाहन न चलाने, ओव्हर लोड वाहन नही चलाने, वाहन में गाड़ी के बाहर निर्धारित मापदण्ड से अधिक न निकालने, वाहन चलाते समय सीट बेल्ट का उपयोग मालवाहन वाहन केवल सामान ढोने के अनुरूप बनाया गया है सवारी ढोने के लिए नही। मालवाहक वाहन में सवारी की सुरक्षा का कोई इंतजाम नही होता है इस कारण यदि खराब रास्ते या स्पीड ब्रेकर में गाड़ी उछलती है तो सवारी के कमर की हड्डी टुट सकती है। मालवाहक वाहन में यात्री के बैठने के लिए कोई सुविधाजनक व्यवस्था नही होता है जिससे यात्री की रीड की हड्डी खिसकने से लकवाग्रस्त हो सकते है। मालवाहक में सवारी कते समय मोड़ पर गाड़ी घुमने के दौरान यात्री छिटककर बाहर गिर सकते है जिससे गंभीर चोट लग सकती है। अचानक ब्रेक लगाने की स्थिति में भी यात्री आपस में टकराकर घायल हो सकते है।

प्रायः देखने में आता है कि मालवाहक वाहन के चालक शराब पीकर वाहन चलाते है, ऐसे में दुर्घटना की संभावना अधिक होती है। मालवाहक वाहन में धुल, धुआं, धुप व बरसात आदि से बचाव का कोई प्रबंध नही होता है। मालवाहक वाहन का ड्रायवर यात्री परिवहन के अनुरूप प्रशिक्षित नही होता है जो कि यात्री की सुरक्षा के लिए खतरनाक होता है। मालवाहक वाहन में यात्री परिवहन के दौरान दुर्घटना होने पर मुआवजा/बीमा क्लेम लेने में भारी परेशानी होती है अतः सभी मालवाहक वाहन चालकों को निर्देशित किया जाता है कि मालवाहक वाहन में सवारी परिवहन न करें, यातायात नियमों का पालन कर वाहन चलाएॅ। करने निर्देशित किया गया। उपरोक्त नियमों का पालन नही करने पर मोटरयान अधिनियम के तहत भारी भरकम जुर्माना से दण्डित किया जायेगा बताया गया। मालवाहन वाहन चालक/मालिकों को यातायात नियमों के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी देते हुए नियमों का पालन कर वाहन चलाने निर्देशित किया गया साथ ही गुड सेमेरिटन के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी देते हुए बताया गया कि देश में प्रति वर्ष सड़क दुर्घटना में लगभग डेढ़ लाख लोगो की असमय मृत्यु कारित होती है, जिसका प्रमुख कारण घायलों को त्वरित चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध नही होना है। सड़क दुर्घटना के दौरान प्रथम 01 घण्टे का समय घायलों के लिए गोल्डन आवर होता है, इस दौरान यदि घायल व्यक्ति को किसी भी प्रकार से हास्पिटल तक पहुंचा दिया जाता है या फिर चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध करा दिया जाता है तो 90 मामले में घायल की जान बचाई जा सकती है। किन्तु आज के समय में अधिकांशतः व्यक्ति कानूनी लफड़े में नही पड़ने के चक्कर में घायल व्यक्ति की जान बचाने हेतु कोई उपाय नही करता, जिससे घायल व्यक्ति उपचार के अभाव में तड़प-तड़प कर घटनास्थल में ही दम तोड़ देता है। इसी को देखते हुए माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा सड़क दुर्घटना में घायलों को त्वरित चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कर जान बचाने वाले व्यक्तियों को ‘‘गुड सेमेरिटनअर्थात नेक व्यक्ति की संज्ञा देते हुए इन्हे अधिक से अधिक प्रोत्साहित व पुरस्कृत करने व गुड सेमेरिटन कानून का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने निर्देशित किया गया है। अतः सभी को निर्देशित किया जाता है कि सड़क दुर्घटना के दौरान घायलों को त्वरित चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराकर घायलों की जान बचाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देंने बताया गया।

थाना आजादचौक परिसर में जागरूकता कार्यक्रम

जिला रायपुर में हो रहे लगातार सड़क दुर्घटना के घटनाओं को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज अमरेश मिश्रा द्वारा जिले में लोगों को जागरूक करने के साथ ही साथ यातायात के नियमो का पालन करने के लिये प्रेरित करने एवं जानकारी के उद्देश्य से विशेष अभियान संचालित करने के लिये दिये गये निर्देश के परिपालन में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लाल उमेद सिंह के मार्गदर्शन में प्रथम सड़क सुरक्षा सम्मलेन आयोजित किया गया। जिसमें वाना खरोरा क्षेत्र के मालवाहक वाहनों के मालिको को बही संख्या में सूचीबध्द करते हुए बुलाया गया, उक्त सम्मेलन में लगभग 100 लोगों शामिल हुए। सम्मेलन के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दौलत राम र्पोते ने अपने संबोधन में सभी मालवाहक वाहनो के स्वामी को किसी भी परिस्थिति में सवारी नहीं बैठाने,

शराब पीकर

वाहन नही चलाने, ओव्हर लोडिंग व ओव्हर स्पीड वाहन नही चलाने की हिदायत दिया तथा भविष्य में इन नियमो के उल्लंघन करने पर मोटर व्हीकल एक्ट एवं बी.एन.एस. के विभिन्न धाराओं के तहत् कड़ी कार्यवाही करने के बात की बताई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दौलत राम पोर्ते, नगर पुलिस अधीक्षक अमन कुमार झा , थाना प्रभारी आजाद चौक ने लोगो को संबोधित किया। उपरोक्त कार्यक्रम आजादचौक क्षेत्र के सभी जनप्रति निधि, पार्षद दीपक जायसवाल , मीडिया के लोग, सहित आम लोग, वाहन चालक, वाहन स्वामी, 100 की संख्या में उपस्थित रहे, पुलिस के इस आयोजन में सभी लोगो ने स्वस्फूर्त तरीके से यातायात नियमो का पालन करने के लिए शपथ लिये एवं रायपुर पुलिस के इस आयोजन को सराहनीय बताए।


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