विश्व इतिहास का सबसे बड़ा जन संघर्ष तेलंगाना सशस्त्र संघर्ष है।

Khammam खम्मम: भाकपा खम्मम जिला कार्यकारिणी सदस्य बेजवाड़ा रवि बाबू और भाकपा मधिरा मंडल सचिव ऊटला कोंडाला राव ने कहा कि तेलंगाना सशस्त्र किसान संघर्ष जनांदोलनों के लिए प्रेरणा है और उस संघर्ष को प्रेरणा मानकर देश में कई जन एवं मजदूर संघर्ष हुए हैं। भाकपा के तत्वावधान में आयोजित तेलंगाना सशस्त्र किसान संघर्ष सप्ताह के तहत सोमवार को तेलंगाना सशस्त्र किसान संघर्ष सेनानियों ऊटला सम्बैया और येल्लामदी वेंकैया ने मंडल क्षेत्र के मदुपल्ली स्थित स्मारक स्तूपों पर ध्वजारोहण किया और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। बाद में आयोजित सभा में बोलते हुए उन्होंने कहा कि तेलंगाना सशस्त्र संघर्ष एक ऐसा आंदोलन था जिसमें गरीब किसान और मजदूर जमींदारी, शोषण और अन्याय के खिलाफ एकजुट हुए थे। उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ऐसे महान संघर्ष को हाईजैक करने की कोशिश कर रही है और इस संघर्ष में भाजपा, आरएसएस और बजरंग जैसे संगठनों की भूमिका नगण्य है।

उन्होंने कहा कि तेलंगाना सशस्त्र संघर्ष आज जनता और मज़दूरों के अधिकारों और सामाजिक न्याय के लिए चल रहे संघर्षों के लिए एक मार्गदर्शक है और यह कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ताओं की ज़िम्मेदारी है कि वे उस समय के सशस्त्र संघर्ष को याद रखें और आने वाली पीढ़ियों में जागरूकता पैदा करें। वह तेलंगाना के लोगों को जवाब देना चाहते थे कि विश्व इतिहास में दर्ज़ सशस्त्र संघर्ष को विलय दिवस के रूप में क्यों नहीं मनाया जा सकता। इस कार्यक्रम में भाकपा ज़िला समिति के सदस्य पेरुमल्लापल्ली प्रकाश राव, पंगा शेषगिरी राव, जल्ला ब्रह्मम, तलारी रमेश, अन्नावरपु सत्यनारायण, रंगा नागा कृष्णा, नरसिम्हा राव, ऊटला रामकृष्ण, पुन्नवेल्ली अप्पाराव, यल्लामद्दी रामुलु, कोंडूरी नागेश्वर राव, गोपी मदुपल्ली, भाकपा ग्राम शाखा के कार्यकर्ता और नेता शामिल हुए।


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