व्यापार, 100% भारतीय निर्यात टैक्स-फ्री, निवेश और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे

IND-NZ FTA: नई दिल्ली: भारत और न्यूजीलैंड के बीच सोमवार को एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर आधिकारिक मुहर लग गई। इस समझौते पर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार एवं निवेश मंत्री टॉड मैक्ले की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए। यह डील दोनों देशों के आर्थिक और कूटनीतिक संबंधों को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।



IND-NZ FTA: इस समझौते का मुख्य उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार को तेज़ी से बढ़ाना, भारतीय निर्यातकों को न्यूजीलैंड के बाजार में 100% शुल्क-मुक्त पहुंच दिलाना और अगले 15 वर्षों में लगभग 20 अरब डॉलर का निवेश आकर्षित करना है। फिलहाल दोनों देशों के बीच व्यापार करीब 2.4 अरब डॉलर के आसपास है, जिसे आने वाले वर्षों में कई गुना बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।



IND-NZ FTA: FTA के लागू होने से भारतीय उत्पाद जैसे कपड़ा, चमड़ा, इंजीनियरिंग सामान, फार्मास्यूटिकल्स और मशीनरी को बड़ा फायदा मिलेगा। खासतौर पर आगरा जैसे शहरों के चमड़ा उद्योग को इससे नई गति मिलने की उम्मीद है। वहीं, न्यूजीलैंड से आने वाले अधिकांश उत्पादों पर भारत ने टैरिफ में राहत देने का फैसला किया है, हालांकि डेयरी और कुछ कृषि क्षेत्रों को इससे बाहर रखा गया है, ताकि घरेलू उद्योग सुरक्षित रह सकें।



IND-NZ FTA: सेवाओं के क्षेत्र में भी यह समझौता महत्वपूर्ण है। सूचना प्रौद्योगिकी, शिक्षा, वित्तीय सेवाएं और पर्यटन जैसे सेक्टरों में भारतीय कंपनियों को बेहतर बाजार पहुंच मिलेगी। साथ ही, कुशल भारतीय पेशेवरों के लिए 5,000 अस्थायी रोजगार वीजा का प्रावधान किया गया है, जिससे वे तीन साल तक न्यूजीलैंड में काम कर सकेंगे। छात्रों के लिए भी पढ़ाई के दौरान काम करने और पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा की सुविधाएं बढ़ाई गई हैं।



IND-NZ FTA: करीब एक दशक पहले शुरू हुई बातचीत 2025 में फिर से तेज हुई और महज नौ महीनों में समझौते को अंतिम रूप दे दिया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता भारत को वैश्विक आपूर्ति शृंखला में मजबूत बनाएगा और विदेशी निवेश को आकर्षित करने में अहम भूमिका निभाएगा।


Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button