सटीक शैक्षणिक रणनीति कार्ययोजना एवं व्यक्तिगत प्रयासों से मिलेंगे उत्साह जनक नतीजे: कलेक्टर दुदावत

लक्ष्य सभी छात्रों को प्रथम श्रेणी अंतर्गत उत्तीर्ण करना सुनिश्चित करना होगा। इसके साथ ही सभी शाला प्रमुख छात्रों से प्रष्नों के आवश्यकता अनुरूप सही उत्तर सही पैटर्न में लिखने का अभ्यास करवाएं, क्योंकि छात्रों की उत्तर लिखने की शैली भी परीक्षा परिणामों को प्रभावित करती है। इसके लिए विषयवार शिक्षकों की व्यक्तिगत बैठक अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें। मासिक टेस्ट सभी शालाओं में अनिवार्य रूप होने चाहिए ताकि एक माह में जो पढ़ाई की गई उसका वास्तविक मूल्यांकन हो सके। बीईओ इस संबंध में मासिक बैठक अवश्य लेगें। इस के तहत आगामी अगस्त में पुनरीक्षण बैठक होगी। इसके अलावा जिन-जिन शालाओं में पूर्व सत्र में बेहतर परिणाम आए है उनकी रणनीति एवं विशेष प्रयासों को अपने शालाओं भी लागू करने के निर्देष भी बैठक में दिए गए।
अध्यायों के पुनरावृत्ति, कमजोर छात्रों विशेष ध्यान, पिछले वर्षों की उत्तर पुस्तिकाओं का विश्लेषण,प्रश्न बैंक एवं परीक्षा पूर्व मानसिक तैयारी यह लक्ष्य प्राप्त किए जाए। बैठक में कलेक्टर ने इसके साथ ही शालाओं को अधोसंरचना, शौचालय,प्रयोगशालाओं की स्थिति, उसमें उपकरणों की आवश्यकता,पेयजल की उपलब्धता विषय अनुरूप शिक्षकों की आवश्यकता के संबंध में बैठक जानकारी चाही। इसके लिए उन्होंने सभी प्राचार्यों से मांग अनुसार प्रपत्र तैयार कर प्रस्तुत करने को कहा। बैठक में एजेंडा अनुसार कक्षा 10 वीं और 12 वीं शत प्रतिशत उत्तीर्णता सुनिश्चित करने के लिए टेस्ट श्रृंखला की कार्ययोजना, उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत 15 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग के शिक्षार्थियों को मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मकता प्रदान करने, करियर काउंसलिंग कार्यक्रम के तहत 9 वीं और 12 वीं तक छात्रों को उनके करियर के संबंध में मार्गदर्शन देवें, राष्ट्रीय अविष्कार अभियान के संबंध में शाला विकासखण्ड एवं जिला स्तरीय आयोजन, यूथ ईको क्लब एवं गणित एवं विज्ञान क्लब के संबंध में भी विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई। बैठक के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी एस.के.अम्बस्ट, डीएमसी हरीश गौतम, विकासखण्ड अधिकारी,प्राचार्य गण सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।




