सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने स्व. शशिकला दवे को अर्पित की श्रद्धांजलि

Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर में मंगलवार को रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल परिसर में एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. संदीप दवे की पूज्य माताजी, स्वर्गीय श्रीमती शशिकला दवे जी की स्मृति में आयोजित किया गया, जिनका हाल ही में निधन हो गया। इस शोकसभा में समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिष्ठित नागरिकों, चिकित्सकों, जनप्रतिनिधियों और स्व. दवे जी के पारिवारिक सदस्यों, मित्रों और शुभचिंतकों ने भाग लिया।

इस अवसर पर विशेष रूप से सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और स्वर्गीय शशिकला दवे जी के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने स्व. दवे जी के स्नेहिल व्यक्तित्व और उनके द्वारा समाज के प्रति किए गए सेवा कार्यों को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन सभी के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा। बृजमोहन अग्रवाल ने कहा, “शशिकला जी एक आदर्श गृहिणी ही नहीं, अपितु एक सशक्त, संस्कारी और समाजसेवा को समर्पित व्यक्तित्व थीं। उनका आशीर्वाद और मार्गदर्शन हमेशा उनके परिवार और इस समाज को दिशा देता रहेगा।”

श्रद्धांजलि कार्यक्रम में उपस्थित जनों ने शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। डॉ. संदीप दवे ने नम आंखों से उपस्थित सभी अतिथियों और परिजनों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी माताजी हमेशा उन्हें मानव सेवा की प्रेरणा देती रहीं। “माताजी ने हमें सिखाया कि सेवा का मार्ग ही जीवन का सर्वोच्च उद्देश्य है। उनका जीवन अत्यंत सरल, संयमी और कर्तव्यनिष्ठ रहा,” डॉ. दवे ने कहा।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न वक्ताओं ने स्वर्गीय शशिकला दवे जी के जीवन मूल्यों, सरल स्वभाव, धर्मनिष्ठा और सेवा भाव पर प्रकाश डाला। सभी ने एक स्वर में कहा कि उनका जाना केवल उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि समाज के लिए भी एक अपूरणीय क्षति है। वे अपनी मधुर वाणी, नम्र स्वभाव और स्नेहपूर्ण व्यवहार से सभी के दिलों में स्थान बना चुकी थीं। इस श्रद्धांजलि सभा में डॉक्टर समुदाय के कई प्रमुख सदस्य, विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि, राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े गणमान्य नागरिक, महिला मंडल की सदस्याएं और बड़ी संख्या में शहरवासी मौजूद रहे। सभी ने एकजुट होकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और उनके आदर्शों को आत्मसात करने की बात कही।

कार्यक्रम के अंत में एक सामूहिक प्रार्थना का आयोजन हुआ, जिसमें उपस्थित जनों ने दो मिनट का मौन रखकर स्वर्गीय शशिकला दवे जी को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। ईश्वर दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें और परिवारजनों को यह अपार दुख सहने की शक्ति दें। इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम के माध्यम से यह स्पष्ट हुआ कि स्वर्गीय शशिकला दवे जी न केवल एक मातृत्व की मूर्ति थीं, बल्कि समाज के लिए एक प्रेरक शक्ति भी थीं, जिनका स्मरण सदैव लोगों के हृदय में जीवित रहेगा। उनका जीवन-संदेश और संस्कार भावी पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।




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