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सीपीआई-माओवादी से जुड़े 12 कैडरों ने पुलिस के सामने सरेंडर किया


भद्राद्री-कोठागुडेम: सीपीआई (माओवादी) से जुड़े छत्तीसगढ़ के 12 कैडरों ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया है। सभी ने गुरुवार को तेलंगाना के भद्राद्री-कोठागुडेम जिले में पुलिस के सामने सरेंडर किया। आत्मसमर्पण करने वालों में 2 डिवीजनल कमिटी सदस्य (डीवीसीएम) और 4 एरिया कमिटी सदस्य (एसीएम) शामिल हैं।
सभी कैडर लंबे समय से माओवादी गतिविधियों में संलिप्त थे। फिलहाल तेलंगाना राज्य में इस साल अब तक कुल 566 माओवादी कैडर आत्मसमर्पण कर चुके हैं। पूरे देश की बात करें तो साल 2025 में अब तक कुल 1260 माओवादी कैडर आत्मसमर्पण कर चुके हैं। साल 2024 में ये संख्या 881 थी।
इससे पहले आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू जिले में मुठभेड़ के दौरान सीपीआई (माओवादी) के तीन बड़े नेता मारे गए थे। आंध्र प्रदेश और ओडिशा बॉर्डर के इलाके में विशिष्ट माओवादी विरोधी बल ग्रेहाउंड्स के जवानों ने तलाशी अभियान चलाया था। उन्हें इस दौरान कुछ माओवादी नजर आए, जिनसे सरेंडर करने के लिए कहा गया था। हालांकि माओवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई के दौरान तीन माओवादी मारे गए।
माओवादियों की पहचान आंध्र ओडिशा बॉर्डर (एओबी) स्पेशल जोन कमेटी के सचिव गजरला रवि उर्फ उदय, स्पेशल जोन कमेटी सदस्य अरुणा और स्पेशल जोन कमेटी एसीएम अंजू के रूप में हुई। रवि सीपीआई (माओवादी) केंद्रीय समिति का सदस्य भी था। मुठभेड़ स्थल से तीन एके-47 राइफलें बरामद की गईं। अरुणा विशाखापत्तनम जिले के पेंडुर्थी मंडल के करकावानीपालम की मूल निवासी थी और उसके सिर पर 25 लाख रुपये का इनाम था। उदय के सिर पर भी 25 लाख रुपये का इनाम था।
माओवादी अरुणा का अराकू विधायक किदारी सर्वेश्वर राव और पूर्व विधायक सिवेरी सोमा की हत्या में नाम जुड़ा था। माओवादियों ने 2018 में विशाखापत्तनम जिले में टीडीपी के दो नेताओं की गोली मारकर हत्या की थी। अरुणा, माओवादियों की केंद्रीय समिति के सदस्य रामचंद्र रेड्डी उर्फ चलापथी की पत्नी थी। चलापथी इस साल जनवरी में ओडिशा की सीमा के पास छत्तीसगढ़ में मारे गए 14 माओवादियों में शामिल था।

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