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'हमारा पड़ोस, हमारा समाधान' में सरकार का डेस्क दरवाजे पर होगा

Kolkata कोलकाता:जिलों में ‘आमादेर परा आमादेर समाधान’ कार्यक्रम शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पहले कहा था कि यह कार्यक्रम क्षेत्र की छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान में विशेष भूमिका निभाएगा। शनिवार को ममता ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, ‘आज, बंगाल के लोगों को जमीनी स्तर पर सेवाएँ प्रदान करने की हमारी निरंतर पहल में एक नया आयाम जुड़ गया है। आज, हमने आमादेर परा आमादेर समाधान (APAS) नामक एक और नई परियोजना शुरू की है। यह एक अनूठी योजना है। यह देश में इस तरह की पहली पहल है।’ पहले दिन राज्य भर में 632 शिविर लगाए जा रहे हैं। प्रत्येक शिविर में ‘घर-घर सरकारी’ सेवाएँ भी उपलब्ध हैं।
यह शिविर 60 दिनों तक चलेगा। 30 दिनों तक प्रशासनिक मूल्यांकन चलेगा। उसके बाद कार्यान्वयन। प्रत्येक जिले में तीन बूथों वाला एक ‘हमारा पड़ोस, हमारा समाधान’ शिविर आयोजित किया जा रहा है। कोलकाता महानगर क्षेत्र में दो बूथों वाला एक शिविर। 27 हजार से अधिक शिविर आयोजित किए जाएँगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य भर में 80 हज़ार से ज़्यादा बूथ हैं, हर बूथ पर यह कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने लिखा, ‘हमारा पड़ोस, हमारा समाधान परियोजना के लिए हमारी सरकार 10 लाख रुपये प्रति बूथ के हिसाब से 8,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा की राशि उपलब्ध कराएगी।’
‘हमारा पड़ोस, हमारा समाधान’ शिविर में स्ट्रीट लाइटिंग, क्षेत्र की छोटी सड़कों का विकास या नवीनीकरण, पेयजल समस्या, क्षेत्र के छोटे तालाबों या जलाशयों का नवीनीकरण, बाज़ार के बुनियादी ढाँचे का नवीनीकरण, प्राथमिक विद्यालयों के बुनियादी ढाँचे का नवीनीकरण, सौंदर्यीकरण जैसे मुद्दों पर सुनवाई होगी।




