बिलासपुर में कांग्रेस का हंगामा, पुलिस से भिड़े प्रदर्शनकारी

Bilaspur. बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में जमीन सीमांकन को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक टकराव में बदल गया है। बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस नेता की जमीन के सीमांकन के विरोध में मंगलवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट का घेराव करने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने तीन स्तर की बैरिकेडिंग की थी, लेकिन आक्रोशित कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग तोड़ दी। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा। इस दौरान

कांग्रेस नेताओं

ने बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला पर प्रशासनिक अधिकारियों पर दबाव बनाकर कार्रवाई कराने का आरोप लगाया। कांग्रेस का यह प्रदर्शन पूर्व जिलाध्यक्ष विजय केशरवानी के नेतृत्व में आयोजित किया गया। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट का घेराव करने निकले थे। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के तहत तीन लेयर की बैरिकेडिंग लगाई थी। प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ते हुए बैरिकेडिंग तोड़ दी, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए पानी की बौछारें कीं।

जमीन सीमांकन को लेकर कांग्रेस ने खोला मोर्चा

बेलतरा ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और ग्राम पंचायत सेलर के सरपंच धनंजय सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया कि भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला के दबाव में प्रशासन उनके खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि पिछले कई वर्षों से उन्हें परेशान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उनके खिलाफ तीन एफआईआर भी दर्ज हो चुकी हैं। उनका आरोप है कि उनके भाई के ईंट भट्ठे में भी तहसीलदार सीमांकन कराने पहुंच गई थीं। धनंजय सिंह ने दावा किया कि तहसीलदार ने उन्हें विधायक के दबाव में कार्रवाई किए जाने की बात बताई थी। उन्होंने कहा कि शुरुआत में बिना नोटिस दिए सीमांकन की कार्रवाई की गई और बाद में नोटिस जारी किया गया। कांग्रेस नेता ने कहा कि अब उनके सहने की क्षमता समाप्त हो चुकी है, इसलिए विधायक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है।

16 सितंबर से शुरू हुआ था विवाद

इस मामले की शुरुआत 16 सितंबर को हुई थी। धनंजय सिंह ठाकुर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया था कि तहसीलदार के मौखिक निर्देश पर पटवारी उनकी जमीन का सीमांकन करने पहुंचे थे। उनका कहना था कि उस समय खेत में धान की फसल खड़ी थी। इसके बावजूद प्रशासनिक अमले ने सीमांकन की प्रक्रिया शुरू की। उन्होंने इसके पीछे बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला का दबाव होने का आरोप लगाया था। इसके बाद विधायक सुशांत शुक्ला की ओर से धनंजय सिंह ठाकुर को मानहानि का कानूनी नोटिस भेजा गया। इसी घटनाक्रम के विरोध में कांग्रेस ने 13 अक्टूबर को कलेक्ट्रेट घेराव करने की घोषणा की थी।

पूर्व सहकारी बैंक अध्यक्ष ने भी उठाए सवाल

जिला सहकारी बैंक बिलासपुर के पूर्व अध्यक्ष प्रमोद नायक ने भी प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता धनंजय सिंह ठाकुर के खेत का बारिश के दौरान सीमांकन किया गया, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रमोद नायक ने कहा कि प्रशासन यदि नियम और कानून के अनुसार काम करेगा तो कांग्रेस उसका समर्थन करेगी, लेकिन राजनीतिक दबाव में की गई कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष तरीके से काम करने की बात कही।

भाजपा ने कांग्रेस पर किया पलटवार

इधर, कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा ने भी तीखा पलटवार किया है। भाजपा जिला ग्रामीण अध्यक्ष मोहित जायसवाल और जिला महामंत्री जनक देवांगन ने संयुक्त रूप से बयान जारी कर कांग्रेस के प्रदर्शन पर सवाल उठाए। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता खुद जनप्रतिनिधि और सरपंच होने के बावजूद सरकारी जमीन पर कब्जा किए हुए हैं। जब प्रशासन जमीन की नापजोख कर रहा है, तब कांग्रेस नेता राजनीतिक आंदोलन का सहारा ले रहे हैं। मोहित जायसवाल ने कहा कि कांग्रेस नेता प्रशासनिक विवाद को राजनीतिक मुद्दा बनाकर बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन तलाशने के लिए इस विवाद को बढ़ा रही है।

अवैध कब्जे को संरक्षण नहीं मिलेगा: भाजपा

भाजपा जिला महामंत्री जनक देवांगन ने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार के दौरान अवैध उत्खनन और सरकारी जमीन पर कब्जे के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे को कोई संरक्षण नहीं मिलेगा। किसी भी विवाद का फैसला राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर होना चाहिए। हालांकि, सरकारी जमीन पर कब्जे और विधायक के दबाव में सीमांकन कराए जाने के दोनों पक्षों के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

ध्वजा यात्रा पर हैं विधायक सुशांत शुक्ला

बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला 11 से 17 अक्टूबर तक ध्वजा यात्रा पर हैं। इस दौरान वे विधानसभा क्षेत्र की 48 ग्राम पंचायतों में पैदल यात्रा कर रहे हैं और रात में गांवों में ही रुक रहे हैं। विधायक की गैरमौजूदगी में कांग्रेस के आंदोलन को लेकर भाजपा संगठन उनके बचाव में सामने आया है। फिलहाल जमीन सीमांकन को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हैं। कलेक्ट्रेट घेराव के दौरान बैरिकेडिंग टूटने और वाटर कैनन के इस्तेमाल से यह विवाद और गरमा गया है। दोनों दल अपनी-अपनी बात पर कायम हैं।


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