छत्तीसगढ़ – बारदाने की भारी कमी से किसान हलाकान तो टोकन कटाने भी मची है मारामारी
किसान अपनी उपज बेचने के लिए टोकन प्राप्त करने सोसायटी का चक्कर काट रहे हैं। पखवाड़े भर पहले सोसायटी में परचा जमा करने वाले किसानों को टोकन नहीं मिल पा रहा है। इससे किसानो में आक्रोश है। वे टोकन वितरण की व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं। बारदाना की कमी से भी धान खरीदी प्रभावित हो रही है।
वहीं सोसायटी में किसानो को सुविधाएं दिलाने व व्यवस्था बनाने के लिए गठित निगरानी समिति फील्ड से ही गायब है। विकासखंण्ड की सभी धान खरीदी केन्द्रों में अव्यवस्था का आलम है। किसान अपनी उपज बेचने के लिए सोसायटी का चक्कर काट रहे हैं लेकिन उन्हे धान खरीदी के लिए सोसायटी से टोकन नहीं मिल पा रहा है। कौड़ीकसा के किसान ज्ञानचन्द्र कुम्भज ने बताया कि पखवाड़े भर पहले सोसायटी में परचा जमा करने वाले किसानों को टोकन नहीं मिल पा रहा है। यह भी शिकायत सामने आई है कि बारदाना के अभाव में खरीदी प्रभावित हो रही है।
धान खरीदी केन्द्र में किसानो को राहत दिलाने एवं धान उपार्जन केन्द्र में किसानो व शासन.प्रशासन के बीच समन्वय बनाने के लिए निगरानी समिति का गठन किया गया है। लेकिन सोसयटियो में गठित यह निगरानी समिति केवल कागजो में काम कर रही है। फील्ड में किसानो की समस्याओ के निरकारण के लिए निगरानी समिति के सदस्य कही नजर नही आते है। किसानो की माने तो निगरानी समिति के सदस्य सोसायटी प्रबंधक से मिलकर चले जाते है।
वहीं कोरोना संक्रमण काल में धान खरीदी केन्द्र में किसानो को संक्रमण से बचाने के लिए कोविड-19 के तहत केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा दिए गए गाईडलाईन का सोसायटियों पालन नहीं कर रही है। केन्द्रों में सामाजिक दूरी का पालन नहीं हो रहा है और तो और लोग मास्क का भी प्रयोग नही किया जा रहा है। सोसायटी में संक्रमण की रोकथाम के लिए केवल हाथ धोने के लिए हैंडवाश तथा सेनेटाईजर रख दिया गया है। इससे किसानों में संक्रमण फैलने की आशंका बढ़ गई है।



