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ऊना में अवैज्ञानिक खनन पर चला प्रशासन का चाबुक

Una. ऊना। ऊना में बड़े पैमाने पर अवैध व अवैज्ञानिक खनन की लगातार मिल रही शिकायतों के बीच प्रशासन ने अब कड़ी कार्रवाई अमल में लाई है। जिला उपायुक्त ने अवैज्ञानिक ढंग से खनन करने पर तीन क्रशर उद्योगों की बिजली काटने के आदेश जारी किए हैं। वहीं एक क्रशर उद्योग को जारी खनन पट्टे को तीन माह के लिए निलंबित कर दिया गया है। उपायुक्त ऊना के नेतृत्व में प्रशासनिक अमले ने गत दो दिनों में हरोली व गगरेट क्षेत्रों में क्रशर उद्योगों के औचक निरीक्षण किए। इस दौरान अवैज्ञानिक ढंग से खनन करते पाए जाने पर उपायुक्त जतिन लाल ने दुलैहड़ के भडियारा गांव में एक क्रशर उद्योग (साई क्रशर) के खनन पट्टे को तीन माह के लिए निलंबित करने व क्रशर की बिजली काटने के आदेश दिए। वहीं घालुवाल में निरीक्षण के दौरान दो क्रशरों रूद्रा क्रशर व श्री रूद्रा स्टोन क्रशर के संचालकों द्वारा तय मानकों की अनुपालना न करने व अवैज्ञानिक ढंग से खनन करने पर बिजली काटने के निर्देश दिए। उपायुक्त ऊना जतिन लाल के आदेशों पर कार्रवाई करते हुए खनन विभाग ने बिजली विभाग को तुरंत प्रभाव से संबंधित क्रशरों की बिजली काटने के
लिए कहा।
जिस पर बिजली विभाग ने बिजली कनेक्शन काट दिए। इससे पहले उपायुक्त जतिन लाल, एसपी राकेश सिंह व खनन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की टीम ने हरोली क्षेत्र में चल रहे खनन कार्यों का निरीक्षण किया। वहीं उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्रिहोत्री ने भी प्रशासनिक अधिकारियों को अवैध खनन के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के लिए कई बार सार्वजनिक मंचों से निर्देश दिए थे, लेकिन इसके बावजूद जिला में खुलेआम अवैध ढंग से खनन जारी था। उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने बताया कि अवैज्ञानिक खनन करने पर जिला में तीन क्रशर उद्योगों की बिजली काटने के आदेश दिए है। वहीं, एक क्रशर के खनन पटटें को तीन माह के लिए निलंबित कर दिया गया है। ऊना में अब बिना पंजीकरण और जीपीएस ट्रैकिंग डिवाइस के कोई भी खनन मशीनरी संचालित नहीं होगी। जिले में संचालित सभी जेसीबी, एक्सकेवेटर और टिप्पर का सात दिनों के भीतर पंजीकरण कराना अनिवार्य कर दिया गया है। दंडाधिकारी व उपायुक्त ऊना ने एक आदेश जारी किए है। गैर-पंजीकृत मशीनरी के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



