नहीं रहे फ्लाइंग सिख, 91 साल की उम्र में मिल्खा सिंह ने ली अंतिम सांस, देश शोक में डूबा
Flying Sikh no more, Milkha Singh breathed his last at the age of 91, the country plunged into mourning
दिल्ली 19 जून 2021।भारत के महान धावक मिल्खा सिंह का शुक्रवार को 91 साल की उम्र में निधन हो गया। पीटीआई को परिवार के प्रवक्ता ने ये जानकारी दी। मिल्खा के परिवार के एक प्रवक्ता ने बताया कि मिल्खा सिंह ने रात 11.30 पर आखिरी सांस ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के महान धावक मिल्खा सिंह के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि भारत ने ऐसा महान खिलाड़ी खो दिया जिनके जीवन से उदीयमान खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलती रहेगी
पीएम मोदी ने ट्वीट किया ,’मिल्खा सिंह जी के निधन से हमने एक महान खिलाड़ी को खो दिया, जिनका असंख्य भारतीयों के ह्रदय में विशेष स्थान था। अपने प्रेरक व्यक्तित्व से वे लाखों के चहेते थे। मैं उनके निधन से आहत हूं।’ उन्होंने आगे लिखा,’मैंने कुछ दिन पहले ही श्री मिल्खा सिंह जी से बात की थी। मुझे नहीं पता था कि यह हमारी आखिरी बात होगी। उनके जीवन से कई उदीयमान खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलेगी। उनके परिवार और दुनिया भर में उनके प्रशंसकों को मेरी संवेदनाएं।’
इससे पहले उनके स्वास्थ्य की जानकारी देते हुए पीजीआईएमईआर अस्पताल ने कहा था कि शुक्रवार शाम को कोविड-19 के बाद उत्पन्न हुई जटिलताओं के कारण उनकी हालत गंभीर हो गयी थी। उनका आक्सीजन स्तर कम होना और उन्हें बुखार आ गया था। पिछले महीने कोविड-19 से संक्रमित हुए मिल्खा सिंह का परीक्षण बुधवार को नेगेटिव आया था जिसके बाद उन्हें कोविड आईसीयू से सामान्य आईसीयू में भेज दिया गया था और डाक्टरों की एक टीम उनके स्वास्थ्य पर नजर रख रही थी।
गुरूवार की रात उन्हें बुखार आ गया था और उनका आक्सीजन का स्तर गिर गया था। उन्हें पिछले महीने कोविड-19 संक्रमण हो गया था। उनकी पत्नी निर्मल कौर का कोविड-19 संक्रमण से जूझते हुए रविवार को मोहाली में एक निजी अस्पताल में निधन हो गया था। चार बार के एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता मिल्खा ने 1958 राष्ट्रमंडल खेलों में भी गोल्ड मेडल हासिल किया था। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 1960 के रोम ओलंपिक में था जिसमें वह 400 मीटर फाइनल में चौथे स्थान पर रहे थे। उन्होंने 1956 और 1964 ओलंपिक में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया। उन्हें 1959 में पद्मश्री से नवाजा गया था



