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JHARKHAND POLITICAL CRISIS : मुख्यमंत्री सोरेन विधायकों को लेकर 2 बसों में रवाना, रायपुर के होटल की बढ़ाई गई सुरक्षा

रांची। झारखंड के सीएम आवास पर यूपीए विधायकों की बैठक खत्म होने के बाद झारखंड के विधायकों को लेकर दो बसें रांची में सीएम हेमंत सोरेन के आवास से रवाना हुईं। साथ ही सभी विधायकों का फोन ऑफ कराया गया है। इससे पहले कयास लगाए जा रहे थे कि विधायकों को छत्तीसगढ़ में शिफ्ट किया जाएगा। हालांकि, अब नई जानकारी सामने आई है कि यूपीए के विधायकों को खूंटी के रिसॉर्ट में शिफ्ट करने की तैयारी है। दरअसल जब विधायक मीटिंग में शामिल होने पहुंचे थे तो उनकी गाड़ियों में बैग और अन्य सामान भी दिखाई दिया था।

रायपुर के एक होटल की बढ़ाई गई सुरक्षा –

झारखंड के विधायकों की रवानगी के बीच रायपुर के मेफेयर होटल की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। होटल के कमरे खाली करने के लिए कहा गया है। बताया जा रहा है कि झारखंड के विधायक रविवार की सुबह तक होटल पहुंच सकते हैं। इसके साथ ही होटल में अब कोई नई रूम बुकिंग नहीं की जाएगी।

क्या है पूरा मामला? –

हेमंत सोरेन को रांची जिले के अनगड़ा ब्लॉक में 0।88 एकड़ ज़मीन का खनन पट्टा मिला था। दस्तावेजों के मुताबिक 28 मई 2021 को हेमंत सोरेन ने आवेदन दिया और उन्हें 15 जून 2021 को मंजूरी मिल गई थी। इसके बाद 9 सितंबर को पर्यावरण विभाग से मंजूरी मांगी गई जो 22 सितंबर को मिल गई। 11 फरवरी 2022 को बीजेपी ने राज्यपाल से मिलकर शिकायत की कि ये लाभ के पद का मामला बनता है और सीएम खुद के नाम से खनन पट्टा नहीं ले सकते। इसके बाद हेमंत सोरेन ने 11 फरवरी 2022 को लीज सरेंडर करके खुद को अलग कर लिया।

खनन के धंधे में हेमंत सोरेन सरकार के भ्रष्टाचार का भंडाफोड़ तब होना शुरू हुआ जब झारखंड की खनन सचिव रह चुकी पूजा सिंघल के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय ने छापेमारी शुरू की। ईडी को पूजा सिंघल के सीए सुमन कुमार के एक ही ठिकाने से साढ़े सत्रह करोड़ रुपये नकद मिले थे। ये रकम इतनी ज्यादा थी कि गिनने में 14 घंटे का वक्त लग गया था। ईडी सूत्रों के हवाले से दावा किया गया कि पूजा सिंघल और उनके करीबियों के करीब 150 करोड़ रुपये के निवेश का खुलासा हुआ और कई अहम दस्तावेज भी मिले।

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