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सरकार पहली बार खरीदेगी प्राकृतिक खेती से तैयार की गई फसल

Market. मंडी। मंडी जिला में प्राकृतिक खेती से तैयार मक्की की खरीद का कार्य 25 अक्तूबर से आरंभ कर दिया जाएगा। जिसके लिए कृषि विभाग के आत्मा परियोजना के अधिकारियों व खाद्य आपूर्ति विभाग ने तैयारियों पूरी कर ली हैं । यह कार्य प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के तहत किसानों से पहली बार प्रदेश सरकार द्वारा मक्की खरीदने का कार्य किया जा रहा है। मंडी जिला में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा चार केंद्रों में दो व तीन सितारा प्रमाणित प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों से मक्की खरीदी जाएगी। मार्केट में आम तौर पर मक्की के 18 से 20 रुपये प्रति किलो तक दाम मिलते हैं। लेकिन प्रदेश सरकार प्राकृतिक स्तर से खेती कर रहे किसानों से 30 रुपए प्रति किलो की दर से मक्की खरीदेगी। किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में राज्य सरकार का यह एक क्रांतिकारी कदम है। इससे किसान कृषि के माध्यम से आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होंगे। आत्मा परियोजना मंडी में लगभग 431 प्राकृतिक खेती कर रहे किसानों से
मक्की खरीदी जाएगी। इससे किसान कृषि के माध्यम से आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होंगे।
पहले चरण में 25 से 30 अक्तूबर तक खाद्य आपूर्ति विभाग के मंडी, सुंदरनगर व चैलचौक केंद्रों पर मक्की की खरीद की जाएगी, जबकि दूसरे चरण में चुराग केंद्र में 18 नवंबर से खरीद का कार्य आरंभ किया जाएगा। विभाग ने दो व तीन सितारा प्रमाणित किसानों से आग्रह किया कि वह अधिक से अधिक प्राकृतिक विधि से तैयार मक्की को इन चार विक्रय केंद्रों पर लाएं। प्रदेश सरकार द्वारा मंडी जिला के किसानों से लगभग 65 मीट्रिक टन मक्की खरीदी जानी है। इसमें जिला के विभिन्न खंडों के तहत करसोग में 49 किसानों से 5 मीट्रिक टन, चुराग में 50 किसानों से 4.78 मीट्रिक टन,
सराज ब्लॉक में 38 किसानों 5.23 मीट्रिक टन, गोहर में 64 किसानों से 8.15 मीट्रिक टन, सदर में 11 किसानों से 1.65 मीट्रिक टन, बालीचौकी में 29 किसानों से 6.45 मीट्रिक टन, द्रंग में 13 किसानों से 0.915 मिट्रिक टन, चौंतड़ा में 6 किसानों से 0.7 मीट्रिक टन, सुंदरनगर में 46 किसानों से 12 मीट्रिक टन, बल्ह में 8 किसानों से 5.3 मिट्रिक टन, धनोटू में 46 किसानों से 7.05 मीट्रिक टन, गोपालपुर में 39 किसानों से 3.18 मीट्रिक टन, धर्मपुर में 15 किसानों से 1.585 मीट्रिक टन और निहरी में 17 किसानों से 3.45 मीट्रिक टन मक्की की खरीद की जानी है। इसके लिए जिला में चार स्थानों करसोग के चुराग, चैलचौक, सुंदरनगर और मंडी में प्राकृतिक खेती से उगाई गई मक्की खरीद केंद्र बनाए गए हैं।




