आकाश राव गिरपुंजे की शहादत नहीं जाएगी व्यर्थ, बस्तर नक्सलवाद से होगा मुक्त: विजय शर्मा

दृढ़ नीति से बस्तर जल्द ही नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त होगा। सरकार शहीद परिवार के साथ हर कदम पर खड़ी है और उनकी हर संभव सहायता की जाएगी। उन्होंने नक्सलियों की इस कायराना हरकत की कड़ी निंदा की और कहा कि यह हमला नक्सलियों की बौखलाहट का परिणाम है, क्योंकि सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाईयों से उनका मनोबल टूट रहा है। राज्य सरकार का एजेंडा नक्सलियों को मुख्यधारा में लाने का है और इसके लिए शांतिवार्ता की अपील भी की गई थी। हालांकि, इस हमले ने साबित कर दिया।
ड्यूटी के प्रति इतने समर्पित थे कि नक्सलवाद के खिलाफ अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए उन्होंने अपने स्थानांतरण की संभावना को स्वयं खारिज कर दिया था। गृह मंत्री शर्मा ने बताया कि आकाश राव किसी भी सूचना पर तुरंत कार्रवाई करने वाले बहादुर अधिकारी थे, जिन्होंने हमेशा फ्रंटलाइन पर रहकर नक्सलियों के खिलाफ मोर्चा संभाला। यह हमला 9 जून को कोंटा-एर्राबोर मार्ग पर डोंड्रा के पास हुआ, जब आकाश राव अपनी टीम के साथ एक जेसीबी जलाने की घटना की जांच के लिए गए थे। नक्सलियों ने पहले से बिछाए गए प्रेशर आईईडी का विस्फोट किया, जिसमें आकाश राव शहीद हो गए, जबकि कोंटा के एसडीओपी भानुप्रताप चंद्राकर और थाना प्रभारी सोनल ग्वाला समेत अन्य जवान घायल हुए। घायलों को रायपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।




