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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार मिल रहा योजना का लाभ

Raipur. रायपुर। राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना आज श्रमिक परिवारों के लिए केवल एक योजना नहीं, बल्कि आशा की किरण बन चुकी है। इस योजना ने कई परिवारों के जीवन में रोशनी भरी है, जिसमें रायपुर की निवासी महिला श्रमिक धनेश्वरी सोनी को भी लाभ मिला है। धनेश्वरी अपने बेटे चेतस सोनी के उज्ज्वल भविष्य को लेकर हमेशा चिंतित रहती थीं। लेकिन अब ये चिंता उनके जीवन से दूर हो चुकी है। श्रम विभाग द्वारा प्रदत्त छात्रवृत्ति के माध्यम से चेतस को अब न केवल शिक्षा मिल रही है, बल्कि एक सपनों से भरा भविष्य भी आकार ले रहा है। धनेश्वरी ने बताया कि उन्होंने और उनके पति ने मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना के तहत आवेदन किया, और जब योजना के अंतर्गत आर्थिक सहायता स्वीकृत हुई, तो उन्होंने चेतस का दाखिला अंग्रेजी माध्यम के एक स्कूल में करवा दिया।
उन्हें कक्षा पहली एवं दूसरी की छात्रवृत्ति प्राप्त हो गई है। अब चेतस कक्षा 3 में पढ़ रहा है और फौज में जाकर देश सेवा करने का सपना देखता है। उन्होंने कहा कि अब मुझे अपने बेटे के भविष्य की चिंता नहीं। इस योजना ने हमारी आर्थिक परेशानी को काफी हद तक कम कर दिया है। धनेश्वरी बताती हैं कि योजना के अंतर्गत प्राप्त ₹1,000 की छात्रवृत्ति से स्कूल की नोटबुक एवं अन्य जरूरतें पूरी हो रही हैं। ये राशि भले ही आंकड़ों में छोटी लगे, लेकिन उनके लिए ये एक आर्थिक संबल है जिसने चेतस के भविष्य की नींव मजबूत कर दी है। धनेश्वरी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं कि यह योजना हमें बताती है कि सरकार हमारे साथ है। अब मजदूर का बच्चा मजदूर नहीं, बल्कि भविष्य का निर्माता बन सकता है। गौरतलब मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना के तहत, पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के पहले दो बच्चों को कक्षा 1 से लेकर स्नातकोत्तर स्तर तक छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है।




