करूर रैली भगदड़: TVK ने CBI जांच की मांग की, हाईकोर्ट में याचिका दाखिल

अरिवाजगन ने कहा, “करूर हादसे में साजिश हुई। हमें स्थानीय लोगों से भरोसेमंद जानकारी मिली और कुछ CCTV फुटेज भी हैं। यह दिखाता है कि राज्य की सत्ता पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं की साजिश का हिस्सा थी।” उन्होंने कहा कि विजय की देर से पहुंचने का कारण ट्रैफिक जाम था और पार्टी की कोई गलती नहीं। राज्य सरकार ने आरोप लगाया कि रैली स्थल पर लोग दोपहर से जमा थे। रैली स्थल की क्षमता केवल 10,000 थी, लेकिन वहाँ 27,000 लोग पहुंचे। सरकार ने इसे जानबूझकर भीड़ बढ़ाने का प्रयास बताया। इसके अलावा, राज्य सरकार ने सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले TVK के कुछ नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इसमें हत्या और अन्य धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
राज्य सरकार ने उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में न्यायिक जांच का आदेश भी दिया है। TVK ने इस न्यायिक जांच की वैधता पर सवाल उठाते हुए CBI जांच की मांग की है। हादसे के बाद करूर जिले में तनाव का माहौल रहा। प्रशासन ने तत्काल कदम उठाकर घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया और रैली स्थल को सील किया। पुलिस और प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए। करूर भगदड़ में हुई मौतों और घायलों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि घायल अभी भी अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। घटना के वीडियो और CCTV फुटेज जांच के लिए हाईकोर्ट में पेश किए गए हैं। TVK का दावा है कि इन फुटेज में साजिश के संकेत दिखाई दे रहे हैं। पार्टी ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से रैली स्थल पर सुरक्षा उपायों में चूक बताना अस्वीकार्य है और यह राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता का हिस्सा हो सकता है। अरिवाजगन ने हाईकोर्ट में याचिका में विशेष जांच की मांग दोहराई और कहा कि साजिश उजागर करने के लिए CBI जांच आवश्यक है। राज्य सरकार ने कहा कि घटना की जांच जारी है और दोषियों को सजा दिलाने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे। वहीं, TVK ने अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को समर्थन का भरोसा दिया है और कहा है कि पार्टी न्यायिक प्रक्रिया का पालन करेगी।
Source link




