तालाब में डूबने से शावक हाथी की मौत, वन विभाग सतर्क

Raigarh. रायगढ़। तमनार वन परिक्षेत्र के ग्राम गौरमुडी स्थित निस्तारी तालाब में सोमवार तड़के एक वर्षीय हाथी शावक डूबने से मृत पाया गया। घटना की सूचना बीट ऑफिसर सरायपाली के माध्यम से मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और प्रारंभिक जांच के पश्चात घटना की पुष्टि की। वन परिक्षेत्र अधिकारी तमनार ने बताया कि मृत हाथी की आयु लगभग एक वर्ष आंकी गई है। यह तालाब वन क्षेत्र से लगभग दो किलोमीटर दूर स्थित है। प्राथमिक जांच के अनुसार, अनुमान लगाया गया है कि रात के 3 से 4 बजे के बीच शावक पानी में फिसलकर डूब गया, जिससे उसकी मौत हुई। घटना के समय आसपास 34 हाथियों का एक बड़ा समूह मौजूद था, जिनकी निगरानी वन विभाग की टीम द्वारा लगातार की जा रही थी।

वन विभाग के फील्ड स्टाफ ने रातभर समूह की गतिविधियों और संख्यात्मक स्थिति की जानकारी अधिकारियों को प्रदान की। जैसे ही घटना की सूचना मिली, वरिष्ठ अधिकारियों सहित पूरा स्टाफ घटना स्थल पर पहुंचा और मृत हाथी का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम में मृत्यु के कारण की पुष्टि की गई और आगे की जांच जारी है। वन विभाग के अधिकारी ने बताया कि आवश्यक प्रशासनिक और विधिक कार्रवाई के बाद हाथी के शव का सुरक्षित ढंग से दफन किया गया। उन्होंने बताया कि वन्यजीवों की सुरक्षा और उनके आवास क्षेत्र में निगरानी के लिए लगातार प्रयास जारी हैं। इस घटना के बावजूद, आसपास के हाथियों के समूह की स्थिति स्थिर रही और उन्हें सुरक्षित रखने के लिए अतिरिक्त स्टाफ की तैनाती की गई।

अधिकारियों ने बताया कि यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना वन्य जीवन में प्राकृतिक जोखिमों का उदाहरण है, क्योंकि शावक के तालाब में डूबने के पीछे कोई बाहरी हस्तक्षेप या शिकार का संकेत नहीं मिला। वन विभाग ने स्थानीय लोगों से भी आग्रह किया है कि वे तालाब और आसपास के जंगल क्षेत्रों में हाथियों के करीब न जाएं, ताकि वन्यजीवों और मानवों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि शावक हाथियों की जान जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में जलाशयों या तालाबों के पास बढ़ जाती है। वन विभाग इस घटना के

अध्ययन

के आधार पर भविष्य में सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने की योजना बना रहा है। स्थानीय समुदाय को भी इस संबंध में जागरूक किया जा रहा है ताकि वन्यजीवों और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता बनी रहे। इस घटना के बाद वन विभाग ने पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है और हाथियों के समूह पर नियमित निरीक्षण जारी रखा गया है। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि हाथी शावक की मौत दुर्भाग्यपूर्ण और प्राकृतिक कारणों से हुई है और किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि सामने नहीं आई है।


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