पासपोर्ट रैकिंग में भारत की लंबी छलांग, जानें किन देशों में 56 देशों में वीजा-फ्री या वीजा-आन-अराइवल की सुविधा

Henley Passport Index: नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की बढ़ती स्वीकार्यता अब पासपोर्ट की ताकत में भी झलक रही है। दुनिया के पासपो‌र्ट्स की ताकत को मापने वाली वैश्विक सूची हेनले पासपोर्ट इंडेक्स में भारत ने इस वर्ष 10 स्थानों की उल्लेखनीय बढ़त दर्ज की है।

पहले जहां भारतीय पासपोर्ट 85वें स्थान पर था, अब वह 75वें पायदान पर पहुंच गया है। इस सुधार का मतलब केवल रैकिंग में बदलाव नहीं, बल्कि आम भारतीय यात्रियों के लिए वास्तविक सुविधा है।

भारत हेनले पासपोर्ट इंडेक्स में 75वें स्थान पर-

ताजा आंकड़ों के मुताबिक भारतीय नागरिक अब 56 देशों में वीजा-फ्री या वीजा-आन-अराइवल की सुविधा के साथ यात्रा कर सकते हैं। यानी कई गंतव्यों पर पहले से वीजा लेने की लंबी प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं रहेगी।

यह सूचकांक इस आधार पर देशों को स्थान देता है कि उनके नागरिक कितने देशों में बिना पूर्व वीजा प्रवेश कर सकते हैं। रैंक जितनी बेहतर होती है, उस देश के नागरिकों के लिए वैश्विक आवाजाही उतनी ही सरल मानी जाती है।


अब तक की सर्वोच्च रैकिंग 2006 में थी। हालांकि यह उपलब्धि उत्साहजनक है, लेकिन ऐतिहासिक रूप से देखें तो भारतीय पासपोर्ट का प्रदर्शन उतार-चढ़ाव से भरा रहा है।

वर्ष 2006 में भारत 71वें स्थान पर पहुंचा था, जो अब तक की सर्वोच्च रैकिंग रही है। पिछले कुछ वर्षों में भारत 80वें और फिर 85वें स्थान तक फिसल गया था, ऐसे में मौजूदा सुधार को सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

शीर्ष स्थान पर है सिंगापुर-

वैश्विक सूची में शीर्ष स्थान पर सिंगापुर है, जिसके नागरिक 192 गंतव्यों तक वीजा-फ्री पहुंच रखते हैं। दूसरे स्थान पर जपान और दक्षिण कोरिया संयुक्त रूप से हैं। तीसरे स्थान पर स्वीडन और यूएई शामिल हैं। यूरोप के कई देश जैसे फ्रांस, जर्मनी, इटली, स्पेन और स्विट्जरलैंड भी शीर्ष श्रेणी में बने हुए हैं।


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