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होली पर सांगला में निकाली झांकी, उड़ा गुलाल

Sangla. सांगला। सांगला में जिला स्तरीय होली महोत्सव के तीसरे दिन मंगलवार को बेरिंग नाग मंदिर प्रांगण सांगला में राजस्व, बागवानी, जनजातीय एंव जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। मंत्री नेगी ने होली उत्सव में होली के हजयंडे फहराकर अंतिम दिन खेले जाने वाली होली का शुभारंभ किया। नेगी ने बताया कि होली घर-घर जाकर खेला जाती थी, जिससे आपसी मन-मुटाव समाप्त होता है। उन्होंने होली को भाईचारा व समाजिक उत्सव बताया। होली उत्सव के तीसरे दिन मंदिर प्रांगण में पारंपरकि तौर पर होली के किरदार हनुमान और राजा-रानी आदि की टोली ने मंदिर में पूजा-अंर्चना की और होली का यह कारवा स्थानीय बाजार सांगला के लिए
रवाना हुआ।
इस दौरान स्थानीय लोग वाध्य यंत्र की धुनों पर नाचते-गाते स्थानीय बाजार सांगला पहुंचे। इस टोली में स्थानीय लोगों से अधिक देश-विदेश के पर्यटक देखे गए। स्थानीय बाजार सांगला के कला केंद्र में व्यापार मंडल द्वारा आयोजित डीजे में गायक श्यामू नेगी, पीके शंकर ने किन्नौरी व हिमाचली लोक गीत से होली खेलने वालो को थिरकने में मजबूर किया। होली का कारवां खाले सारिंग होते हुए शाम को मंदिर प्रांगण में पहुंचेगा जहां होली का दहन किया जाएगा। इसके बाद रंग की होली समाप्त होगी। होली कल्ब के सदस्य भूपेष नेगी ने बताया कि सांगला की होली सुरक्षित खेली जाती है। इसलिए हर वर्ष पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी होती जा रही है। उन्होंने बताया कि कल होली का अंतिम दिन है, लेकिन कल होली रंग से नहीं स्थानीय लोग अपने पारंपरिक कपड़े पहनकर मंदिर प्रांगण आते हैं और इश्ट देव के साथ नाच गान करते हैं।



