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होलिका दहन को निकले देवता अठारह करडू

कुल्लू। रंगोत्सव के तहत मंगलवार को जिला के दियार में जमकर होली खेली गई। दिनभर घाटी के ग्रामीणों ने होली खेली और एक दूसरे पर गुलाल फेंका। महिलाओं और बच्चों ने भी जमकर जश्न मनाया और ढोल नगाड़ों की थाप पर जमकर डांस भी किया। देर शाम को होलिका दहन के मौके पर विशेष देव कार्यक्रम का आयोजन यहां पर किया गया। घाटी के अराध्य देवता अठारह करडू के पीडू को त्रियुगी नारायण के दरबार में एक साल के अंतराल के बाद निकाला गया और विधिवत पूजा अर्चना की गई। देवता के पौडू जिसमें सभी देवी देवताओं का वास माना जाता है को कारकारिंदों के द्वारा देवालय से बाहर होलिका दहन के लिए निकाला गया।
देवालय में सबसे पहले देवता के कारकारिंदों और पुरोहितों के द्वारा माता लक्ष्मी की पूजा की गई और फिर पालकी को साजवाज के साथ देवालय से बाहर लाया गया। देवता को एक विशेष स्थान पर बैठाकर होलिका और दूसरे देवी-देवताओं की विधिवत पूजा अर्चना की गई। वहीं इससे पहले यहां पर लकडय़िों और घास आदि को एकत्रित कर हारियानों द्वारा तैयार किए गए फाग की भी पुरोहितों के द्वारा विधिपूर्वक स्थापना की गई और इसके मध्य में एक कायल के पेड़ को खड़ा किया गया। देवता अठारह करडू पीदू की पूजा के बाद फाग की तीन बार परिक्रमा की कारकारिंदों ने की फाग में आग लगाई गई। आग लगाने के बाद एक युवक द्वारा आग के बीच में खड़े किए गए पेड़ की डाली को निकालने के लिए छलांग लगाई गई और बाहर निकाला गया।



