धोखाधड़ी मामले में 7 आरोपी गिरफ्तार, 100 करोड़ रुपए के घोटाले का अनुमान

इससे उन्हें स्क्रैप खरीद में अवैध लाभ मिलता था। निरीक्षक निखिल ब्रह्मभट्ट ने कहा, ‘गुजरात और आसपास के राज्यों जैसे मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र में कई स्क्रैप व्यापारी और बड़ी कंपनियां हैं, जहां स्क्रैप टेंडर जारी किए जाते हैं। इन टेंडरों में यह गिरोह सबसे ऊंची बोली लगाता था और फिर धोखाधड़ी करता था। हमने इस गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया है। जांचकर्ताओं के अनुसार, आरोपी कंपनियों और औद्योगिक इकाइयों द्वारा जारी स्क्रैप टेंडरों में भाग लेते थे या नीलामी के जरिए स्क्रैप प्राप्त करते थे। डील मिलने के बाद वे अपने तकनीकी जानकार सहयोगियों की मदद से साइट पर लगे वेब्रिज सिस्टम से छेड़छाड़ करते थे और स्क्रैप का वजन कम दिखाकर स्क्रैप यार्ड संचालकों और साइट मालिकों को धोखा देते थे।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हेमंतकुमार रावल (33), संकेट रावल (24), विजय ठाकोर (36), मनीष रबारी (27), विनोद पटनी (36), मुकेश पटनी (31) और सुनील पटनी (36) के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि ये सभी अहमदाबाद और आसपास के जिलों के निवासी हैं और उनके मूल स्थान मेहसाणा, साबरकांठा, बनासकांठा, गांधीनगर और पाटन हैं। अधिकारियों ने बताया कि मामले में छह अन्य लोगों को वांछित घोषित किया गया है, जिनमें रजनीश कश्यप, चिराग गोस्वामी उर्फ चिराग बावा, सुनील बोडी, विनोद चंपो, अशोक गुगो और संजय पटनी शामिल हैं। अभियान के दौरान पुलिस ने 80 हजार रुपए मूल्य की चार इलेक्ट्रॉनिक चिप्स, 65 हजार रुपए मूल्य के 13 रिमोट कंट्रोल डिवाइस, 2.65 लाख रुपए मूल्य के 12 मोबाइल फोन और 15 लाख रुपए मूल्य की एक कार जब्त की। जब्त संपत्ति की कुल कीमत लगभग 19.10 लाख रुपए आंकी गई है।
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