BREAKING: मम्मी-पापा आप खुश रहो, NEET स्टूडेंट ने किया सुसाइड

पुलिस ने गेट तोड़ा तो आशुतोष पंखे पर झूलता मिला। आशुतोष बुधवार को भी कोचिंग गया था। दोपहर करीब 2 बजे कोचिंग से लौटने के बाद वह कमरे से बाहर नहीं निकला। उसकी बहन शाम के बैच में कोचिंग जाती थी। इसलिए रात को जब वह पीजी में वापस आई और खाना खाने के बाद भाई के कमरे में पहुंची तो पूरी घटना का खुलासा हुआ।
अधिकारियों का कहना है कि आशुतोष पढ़ने में काफी होशियार था और कोचिंग में भी उसके अच्छे नंबर आ रहे थे। हालांकि, वह न्यूरो की समस्या से ग्रसित था जिसका उसका इलाज चल रहा था। बीमारी को लेकर वह जरूर परेशान रहता था। पुलिस के अनुसार घर वालों के कोटा पहुंचने के बाद ही और ज्यादा जानकारी सामने आ सकेगी। ग्राम प्रधान चन्दन ने बताया कि भुवनेश्वर चौरसिया करीब 20 साल से नारायणपुर में रह रहे हैं। अब अपने पैतृक गांव में आकर बस गए हैं। इनकी माता सरकारी अध्यापक थी। जो सेवा निवृत्त हो गई हैं। भुवनेश्वर के 4 संतानो में दो पुत्र और दो पुत्रियां हैं। आशुतोष से बड़ी एक बहन है और भाई सबसे छोटा है। जिसकी उम्र करीब 7 वर्ष है। भुवनेश्वर परिवार का पालन पोषण एटीएम के सुपरवाइजर के रूप में कार्य करते हुए बनारस में सेवा दे रहे है। वह पुश्तैनी जमीन पर खेती भी करते है। भुवनेश्वर तीन भाई हैं, एक अमेरिका तो दूसरे भाई प्रयागराज में रहता है।



