CG BIG BREAKING: कुएं में मिली थी 2 लाशें, 12 घंटे में 2 आरोपी गिरफ्तार

प्रेम संबंध में धोखा बना हत्या की वजह
पुलिस के अनुसार, मृतका की पहचान सुनीता चतुर्वेदी उर्फ पल्लवी (उम्र 30-35 वर्ष) और उसके आठ वर्षीय बेटे के रूप में हुई है। सुनीता की रायपुर में रहने वाले छत्रपाल सिंगौर से इंस्टाग्राम के जरिए पहचान हुई थी, जो बाद में प्रेम संबंध में बदल गई। छत्रपाल पहले तो शादी का झांसा देता रहा, लेकिन डेढ़ महीने पहले उसने किसी और महिला से विवाह कर लिया। इसके बावजूद सुनीता अपने बेटे के साथ उसके साथ रहने का दबाव बनाने लगी।
हत्या की रची गई खौफनाक साजिश
बढ़ते तनाव से परेशान छत्रपाल ने अपने चचेरे भाई शुभम सिंगौर को विश्वास में लेकर सुनीता और उसके बेटे को रास्ते से हटाने की साजिश रची। 18 जून 2025 को छत्रपाल सुनीता और उसके बेटे को रायपुर से अपनी इलेक्ट्रिक स्कूटी में बैठाकर खम्हरिया गांव लाया, जहां पहले से शुभम उसका इंतजार कर रहा था।
गला दबाकर की हत्या, शव को बोरी में भरकर कुएं में फेंका
दोनों भाइयों ने मिलकर खेत में सुनीता और उसके बेटे का गला घोंटकर हत्या कर दी और शव को अलग-अलग साड़ियों में लपेटकर बोरी में भर दिया। फिर उन्हें दो अलग-अलग कुओं में फेंक दिया गया — महिला का शव भगवानदास महिलांग की बाड़ी में और बच्चे का शव राधेलाल गायकवाड़ की बाड़ी में फेंका गया था। शवों के साथ पत्थर भी बांधे गए थे ताकि वे सतह पर न आ सकें।
पुलिस की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई
आरोपियों की पहचान
छत्रपाल सिंगौर पिता अजेन्द्र सिंगौर, उम्र 26 वर्ष
शुभम कुमार सिंगौर पिता विरेन्द्र सिंगौर, उम्र 22 वर्ष
इस कार्रवाई में रहा पुलिस टीम का विशेष योगदान
थाना प्रभारी पाटन अनिल कुमार साहू, निरीक्षक प्रमोद कुमार रूसिया, उप निरीक्षक दीनदयाल वर्मा, सउनि मानसिंह सोनवानी, सउनि नरेंद्र सिंह, प्रधान आरक्षक मेघराज चेलक, आरक्षक राजकुमार चंद्रा, अश्वनी यदु, वीरनारायण, विवेक यादव, अजय ढीमर, राकेश राजपूत, अजय सिंह, अमित यादव, चितरंजन देवांगन समेत अमलेश्वर और एसीसीयू टीम ने संयुक्त रूप से सराहनीय कार्य किया।
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