ED की सीलिंग के बाद अर्चना नाग के घर पर परिवार ने प्रदर्शन किया

अर्चना की छोटी बहन ने मीडियाकर्मियों से कहा, “मैंने उनसे (ईडी) कहा था कि मैं अपने परिवार के सदस्यों, यानी घर के मालिकों के आने के बाद घर खाली कर दूँगी। वे (परिवार के सदस्य) अभी भी घर पर नहीं हैं। मैं एक छोटी बच्ची हूँ, और हमारे परिवार का कोई और यहाँ मौजूद नहीं है। हम कहाँ जाएँगे?” छोटी लड़की ने कहा, “उन्होंने (छापा मारने वाली टीम ने) हमारी एक भी अपील नहीं सुनी। बल्कि, उन्होंने मेरा हाथ पकड़कर मुझे जबरन घर से बाहर निकाल दिया।” ईडी की छापेमारी अर्चना द्वारा एजेंसी द्वारा जारी किए गए पहले के बेदखली नोटिस का पालन न करने से जुड़ी है।
हालाँकि, स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब अर्चना नाग के पिता और बहन ने उनकी अनुपस्थिति में सीलिंग पर आपत्ति जताई और सवाल किया कि जब घर पर कोई नहीं था, तो ऐसी कार्रवाई क्यों की जा रही है। सूत्रों का कहना है कि ईडी को एक निश्चित समय दिया गया था, और विरोध नोटिस के समय और उसके क्रियान्वयन के तरीके को लेकर था। अर्चना की वकील आदिशा मोहंती ने कहा, “मामला अभी भी लंबित होने के बावजूद, उन्हें जबरन बेदखल कर दिया गया। हमने कल ही उन्हें (ईडी को) सूचित कर दिया था कि और समय देने की अपील पहले ही दायर की जा चुकी है। ऐसे में, हमें कुछ नहीं कहना है, लेकिन नई दिल्ली से इस संबंध में हमारे पक्ष में आदेश मिलने की संभावना है।” इस संबंध में ईडी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली।
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