Breaking news – राजनादगांव में प्रशासनिक उपेक्षा के शिकार इस दलित परिवार ने की इच्छामृत्यु की मांग, दबंग ने कर ली है जमीन पर कब्जा

किराएदार ने जमीन और घर पर कब्जा कर लिया है और 10 साल की लंबी लड़ाई के बाद तहसील न्यायालय मानपुर ने दलित परिवार को कब्जा दिलाने का आदेश पारित करते हुए उसकी कॉपी प्रार्थी, आरआई, पटवारी, और थाने को प्रेषित भी किया

राजनांदगांव जिले में प्रशासनिक नक्सलवाद अनुसूचित जनजाति क्षेत्र में हावी नजर आ रहा है। मानपुर मुख्यालय के एक दलित परिवार ने अपने घर और जमीन पर कब्जा या परिवार सहित इच्छा मौत के लिए कलेक्टर एसपी को पत्र लिखा है। पुरा मामला राजनांदगांव जिले के मानपुर का है जहां के निवासी किशन बघेल पिता स्व सहदेव बघेल जाति गाड़ा की जागृति चौक मानपुर में 13 डिसमिल जमीन और घर है, जिसे 10 साल पूर्व मंगू राम पिता चरण सिंह जामड़े ने किराए पर लिया था।

इसके बाद किराएदार ने जमीन और घर पर कब्जा कर लिया है और 10 साल की लंबी लड़ाई के बाद तहसील न्यायालय मानपुर ने दलित परिवार को कब्जा दिलाने का आदेश पारित करते हुए उसकी कॉपी प्रार्थी, आरआई, पटवारी, और थाने को प्रेषित भी किया है।

प्रार्थी के आरोप के मुताबिक, दूसरी तरफ मानपुर नायब तहसीलदार और आरआई ने झूठा पंचनामा तैयार कर यह जानकारी दे दी कि प्रार्थी किशन बघेल को 28 जुलाई 2020 को घर और जमीन का कब्जा दिला दिया गया है।

वहीं राजस्व विभाग से परेशान होने के बाद प्रार्थी किशन बघेल अपने परिवार के साथ अपने घर और जमीन का कब्जा लेने पहुंचता है तो पुलिस उसे परिवार सहित कभी थाना बुलवाकर डराती धमकाती है, तो कभी राजस्व के पूरे अमले के समक्ष कब्जा करने के लिए बाध्य कर रही हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार राजस्व विभाग के पचड़े और पुलिस के रंगदारी से के बीच जूझ रहे दलित किशन ने राजनंदगांव कलेक्टर और एसपी को पत्र लिखा है कि उसे उसके घर और जमीन पर कब्जा दिलाया जाए या परिवार सहित इच्छा मृत्यु के लिए अनुमति दी जाए। इस पूरे मामले में मानपुर तहसीलदार और थाना प्रभारी ने अपना पक्ष रखने से इंकार कर दिया है।

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