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प्रदेश के विद्यालयों में बिना अनुमति छात्रों को परिषद से जोडऩे के लिए अभियान


Hamirpur. हमीरपुर। भारतीय जनता पार्टी की नर्सरी कही जाने वाली अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से आजकल प्रदेश भर के स्कूलों में सदस्यता अभियान छेड़ा गया है। इस सदस्यता अभियान के तहत नौवीं कक्षा से लेकर जमा दो तक के छात्र-छात्राओं को एबीवीपी का सदस्य बनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। 14 से 17 साल तक के नाबालिग जिन विद्यार्थियों को अभी तक वोटिंग राइट तक नहीं होता, उन्हें एक ऐसे भविष्य के सपने दिखाए जा रहे हैं, जिन्हें अभी पता ही नहीं है कि उन्हें किस राह पर चलने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। जिला हमीरपुर की बात करें, तो पांच दिनों में ही 1800 के आसपास स्कूली विद्यार्थियों को परिषद की सदस्यता ग्रहण करवाई जा चुकी है। चौंकाने वाली बात यह है कि यह सारा कार्य शिक्षा विभाग की अनुमति के बगैर चला हुआ है। इसमें न केवल निजी, बल्कि सरकारी स्कूलों के स्टूडेंट्स को भी सदस्य बनाया जा रहा है। स्कूल में एंट्री करने के लिए स्कूल स्टाफ के साथ जान-पहचान काफी है। जानकारी है कि यह अभियान पांच जून तक इसी तरह

चलता रहेगा।

बहुत से बच्चों के अभिभावकों ने इसपर आपत्ति भी जता रहे हैं, क्योंकि बहुत से अभिभावक ऐसे हैं, जो बड़ी मुश्किल से पैसा कमाकर बच्चों को इस उम्मीद के साथ अच्छे स्कूलों में भेज रहे हैं कि कम से कम उनके बच्चे अच्छे पढ़-लिखकर भविष्य में कोई बेहतर नौकरी करेंगे। स्कूलों में जिस तरह एक नई और ट्रैक से हटकर सोच छोटी उम्र के बच्चों में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है, वह उनका ध्यान पढ़ाई से हटा सकती है। सुजानपुर, नादौन, चकमोह, बड़सर, भोरंज, हमीरपुर समेत विभिन्न क्षेत्रों में यह अभियान चलाया गया है। विद्यार्थी परिषद की ओर से तर्क दिया जा रहा है कि राष्ट्र प्रथम की भावना को केंद्र में रखकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा यह अभियान चलाया गया है। परिषद का मानना है कि छात्र केवल परीक्षा पास करने वाले नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के भविष्य निर्माता होते हैं। वहीं डा. मोही राम चौहान, डिप्टी डायरेक्टर हायर एजुकेशन ने बताया कि हमसे इस तरह की कोई अनुमति नहीं ली गई है, न ही ऐसी कोई अनुमति देते हैं। स्कूल प्रबंधन ने अपने स्तर पर किसी को परमिशन दी हो, तो उस बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता।

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