अंतागढ़ में 90 सोलर खंभे तीन माह बाद भी बंद, रोशनी के

अंतागढ़। CG NEWS: नगर के मुख्य मार्ग को रोशन करने के उद्देश्य से लगाए गए 90 सोलर लाइट के खंभे तीन माह बाद भी चालू नहीं हो सके हैं। जुलाई में शुरू हुआ यह कार्य शुरुआती दिनों में तेजी से आगे बढ़ा, लेकिन खंभे लगाने के बाद निर्माण कार्य ठप हो गया। सोलर प्लांट अब तक तैयार नहीं होने के कारण लाइटें शोपीस बनकर रह गई हैं।
खंभे लगे, लेकिन आगे का काम रुका

जानकारी के अनुसार, अंतागढ़ नगर के मुख्य मार्ग पर सोलर लाइट लगाने का कार्य जुलाई में शुरू किया गया था। शुरुआत में संबंधित कर्मचारियों ने तेजी से खंभे लगाने का काम किया। इससे नगरवासियों को उम्मीद जगी थी कि जल्द ही मुख्य मार्ग रोशनी से जगमगाएगा और रात के समय आवागमन में सुविधा मिलेगी।
हालांकि, खंभे लगाने के बाद काम अचानक बंद हो गया। तीन माह से अधिक समय बीतने के बावजूद निर्माण कार्य दोबारा शुरू नहीं हो पाया है। सोलर प्लांट और अन्य तकनीकी कार्य अधूरे होने के कारण सभी लाइटें अब तक चालू नहीं की जा सकी हैं।
सोलर प्लांट तैयार नहीं, खंभे बने शोपीस
सोलर लाइट व्यवस्था को संचालित करने के लिए सोलर प्लांट सहित अन्य तकनीकी कार्यों का पूरा होना जरूरी है। लेकिन अब तक सोलर प्लांट तैयार नहीं होने से लगाए गए खंभों का उपयोग नहीं हो पा रहा है। मुख्य मार्ग पर खड़े ये खंभे फिलहाल शोपीस बनकर रह गए हैं।
नगरवासियों का सवाल है कि जब सोलर प्लांट और अन्य जरूरी कार्य पूरे नहीं हुए थे, तो खंभे लगाने के बाद निर्माण कार्य को आगे क्यों नहीं बढ़ाया गया। योजना को पूरा करने के लिए समय-सीमा तय की गई थी या नहीं, इसकी जानकारी भी सार्वजनिक नहीं की गई है।अधूरा काम छोड़कर कर्मचारी हुए नदारद
स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि शुरुआती दौर में तेजी से काम करने के बाद कर्मचारी अधूरा कार्य छोड़कर चले गए। इसके बाद निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ पाया। काम बंद होने का वास्तविक कारण स्पष्ट नहीं है, लेकिन लंबे समय से कार्य रुका रहने के कारण योजना की प्रगति पर सवाल उठने लगे हैं।
नगरवासियों का कहना है कि यदि खंभे लगाने के साथ ही सोलर प्लांट और अन्य तकनीकी कार्य भी पूरे किए जाते, तो अब तक सभी लाइटें चालू हो सकती थीं। लोगों ने निर्माण कार्य में देरी के कारणों की जानकारी सार्वजनिक करने और संबंधित एजेंसी की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
सुविधाओं से वंचित नगरवासी
मुख्य मार्ग पर 90 सोलर खंभे लगाए जाने के बाद भी रोशनी नहीं मिलने से लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। नगरवासियों को उम्मीद थी कि सोलर लाइटें चालू होने से रात के समय आवागमन सुगम होगा और मुख्य मार्ग पर बेहतर प्रकाश व्यवस्था उपलब्ध होगी। लेकिन काम अधूरा रहने के कारण योजना का लाभ अब तक नहीं मिल पाया है।
लोगों का कहना है कि जब खंभे लगाने का काम पूरा हो चुका है, तो शेष कार्यों को पूरा कर लाइटें चालू करने में इतनी देरी क्यों हो रही है। जनसुविधा से जुड़े कार्यों में इस तरह की लापरवाही से लोगों में नाराजगी स्वाभाविक है।
जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर सवाल
नगर में तीन माह से अधिक समय से सोलर लाइट योजना अधूरी पड़ी होने के बावजूद कार्य को गति देने के लिए प्रभावी पहल दिखाई नहीं देने से जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। नगरवासियों का कहना है कि जनहित से जुड़े निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करना और उन्हें समय पर पूरा करवाना जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
लोगों के अनुसार, यदि समय-समय पर कार्य की समीक्षा की जाती और संबंधित एजेंसी से प्रगति की जानकारी ली जाती, तो योजना इस स्थिति में नहीं पहुंचती। हालांकि, इस संबंध में संबंधित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों का पक्ष सामने आना बाकी है।
दीपावली तक लाइटें चालू करने का दावा
कुछ स्थानीय जनप्रतिनिधियों की ओर से दीपावली तक सोलर खंभों को चालू किए जाने की बात कही जा रही है। हालांकि, मौजूदा स्थिति को देखते हुए इस समय-सीमा पर संशय बना हुआ है। जब तक सोलर प्लांट तैयार नहीं होता और शेष तकनीकी कार्य पूरे नहीं किए जाते, तब तक सभी 90 सोलर लाइटों को चालू करना चुनौतीपूर्ण नजर आता है।
नगरवासियों का सवाल है कि यदि दीपावली तक लाइटें चालू करने का लक्ष्य रखा गया है, तो इसके लिए अब तक क्या तैयारी की गई है। सोलर प्लांट का काम शुरू हुआ है या नहीं और शेष कार्यों को पूरा करने के लिए क्या कार्ययोजना बनाई गई है, इस पर संबंधित विभाग को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
कब रोशन होगा मुख्य मार्ग?
अंतागढ़ में 90 सोलर खंभे लगाए जाने के बावजूद उनका चालू नहीं होना निर्माण कार्यों की प्रगति और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। नगरवासियों को इंतजार है कि संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में कब संज्ञान लेते हैं और अधूरे कार्य को पूरा कराने के लिए क्या कदम उठाते हैं।
जरूरत है कि सोलर प्लांट का निर्माण जल्द पूरा किया जाए, सभी आवश्यक तकनीकी कार्य समयबद्ध तरीके से संपन्न कराए जाएं और 90 सोलर लाइटों को चालू करने की स्पष्ट समय-सीमा तय की जाए। साथ ही, कार्य में देरी के कारणों की जानकारी सार्वजनिक कर संबंधित एजेंसी की जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।
फिलहाल, नगर के मुख्य मार्ग पर रोशनी की उम्मीद में लगाए गए 90 सोलर खंभे अधूरी योजना की तस्वीर बयां कर रहे हैं। अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस मामले में कितनी गंभीरता दिखाते हैं और अंतागढ़ के नगरवासियों को सोलर लाइट की सुविधा कब तक मिल पाती है।
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