अंबागढ़ चौकी में सामूहिक आत्मदाह का प्रयास, पुलिस व मीडिया की सूझबूझ से टली बड़ी त्रासदी

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिसकर्मी और पत्रकार मौके पर पहुंच गए। पेट्रोल से पूरी तरह भीगे परिवार को समय रहते रोक लिया गया, अन्यथा बड़ी त्रासदी घट सकती थी। घटना की शुरुआत उस समय हुई जब परिवार ने थाने में आकर बताया कि उनके साथ गांव के कुछ दबंगों ने अन्याय किया है। आरोप है कि उनके निजी जमीन पर बनी दुकान जबरन बंद करवाई गई। साथ ही सामाजिक बहिष्कार कर उन्हें हुक्का-पानी तक से वंचित कर दिया गया। बच्चों को स्कूल में बातचीत से रोका गया और उन्हें शिक्षण संस्थानों से बाहर करने की कोशिश की गई।
परिवार का कहना है कि कई बार प्रशासन से न्याय की गुहार लगाने के बावजूद कोई राहत नहीं मिली। महिला आयोग, मानव अधिकार आयोग और पुलिस में शिकायतें देने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। इसी हताशा ने उन्हें आत्मदाह जैसे कठोर कदम की ओर धकेला। मौके पर पहुंचे एसडीओपी ताजेश्वर दीवान ने घटनास्थल का जायजा लिया। उन्होंने निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। रात में पीड़ित महिलाओं के बयान दर्ज किए गए, लेकिन मीडिया को कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई।
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